एमपी में नहीं आ सके साथ, 2024 में कैसे बनेगी विपक्षी इंडिया गठबंधन में बात

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बीरेंद्र कुमार झा

मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना खत्म हो चुकी है।दरअसल रविवार सुबह कांग्रेस ने 144 प्रत्याशियों की जो लिस्ट जारी की, उसमें से चार ऐसी सीटों पर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतार दिए, जिस पर समाजवादी पार्टी ने पहले ही अपने उम्मीदवार ऐलान कर दिया था।इसके बाद समाजवादी पार्टी ने 9 प्रत्याशियों की एक और लिस्ट जारी कर गठबंधन के कयासों पर पूर्ण विराम लगा दिया।हालांकि 2924 लोकसभा चुनाव के लिए इंडिया गठबंधन बनने के बावजूद कांग्रेस, एसपी और आप ने स्पष्ट किया था की एमपी में तीनों अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे।चूंकि समाजवादी पार्टी सुबे में सभी सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतरेगी इस वजह से कयास लगाया जा रहा था कांग्रेस के साथ यह सियासी जुगत लग सकती है ,लेकिन बाद में यह भी नहीं हुआ। इन दोनों की भी राहें जुदा हो गई।

चार सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों की घोषणा से बिगड़ी बात

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच जिन चार सीटों को लेकर बात बिगड़ी है, वह है चितरंगी, मेंहगांव भांडेर और राजनगर सीट। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने मेहगांव, भांडेर और राजनगर सीट जीती थी।हालांकि समाजवादी पार्टी jj आलाकमान इन सीटों से ज्यादा कांग्रेस द्वारा छतरपुर जिला बिजावर से उम्मीदवार उतारने से नाखुश है। दरअसल 2018 में समाजवादी पार्टी ने इस पर जीत दर्ज की थी,और ऐसा माना जा रहा था कि कांग्रेस इस सीट से किसी को भी उम्मीदवार नहीं बनाएगी,लेकिन कांग्रेस ने बिजावर से चरण सिंह यादव को मैदान में टिकट देकर सारे अटकलों को दूर कर दिया।कांग्रेस की पहली लिस्ट के रिएक्शन के तौर पर समाजवादी पार्टी ने लिस्ट में बिजावर से डॉक्टर मनोज यादव को टिकट दे दिया।

कांग्रेस के साथ गंठबंधन की संभावना समाप्त।

मध्य प्रदेश में एसपी प्रदेश अध्यक्ष रामायण सिंह पटेल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कांग्रेस के साथ गठबंधन की सभी संभावनाएं खत्म हो गई है।कांग्रेस नेतृत्व के साथ हमारी कुछ बातचीत हुई थी, लेकिन रविवार को सब कुछ विफल हो गया।अब हम अपने दम पर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और अगले साल चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

ऐसे कैसे चलेगा गठबंधन

अखिलेश यादव की करीबी माने जाने वाले एक सीनियर नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बीजेपी को हराना चाहती ही नहीं है। पार्टी पदाधिकारी ने कहा हमने कांग्रेस नेतृत्व के साथ बातचीत की ,लेकिन वह बीजेपी को हराने के लिए गठबंधन करने में दिलचस्पी नहीं रखते थे। ऐसा लगता है कि उनका प्राथमिक उद्देश्य बीजेपी को नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी को हराना है। कांग्रेस के साथ हमारा गठबंधन लोकसभा चुनाव 2024 के लिए होगा,लेकिन मध्यप्रदेश में हम अकेले चुनाव लड़ेंगे।कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत हुई थी।हैं 10 सीटें चाहते थे और वे कम सीटों की पेशकश कर रहे थे और फिर अचानक उन्होंने हमें बिना बताए कितने सारे उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी ।गठबंधन इस तरह से काम नहीं करता है ।

कितने सीटों पर लड़ेगी समाजवादी पार्टी

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार समाजवादी पार्टी संभवत मध्य प्रदेश में कुल 30 से 35 उम्मीदवार उतरेगी । जिस चीज ने सपा नेतृत्व को आहत किया है, वह बिजावर है, जहां चरण सिंह यादव को मैदान में उतरने के कांग्रेस के फैसले ने उसे और भी अधिक परेशान कर दिया है। चरण सिंह बुंदेलखंड में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता दीप नारायण यादव के चचेरे भाई हैं।

क्षमता से अधिक सीटें मांग रहा एसपी

मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता की सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला पार्टी आला कमान को करना है। कांग्रेस के एक अन्य नेता ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी क्षमता से अधिक सीटों के लिए उतावली है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी का कोई आधार नहीं है फिर वे इतनी अधिक सीटों की उम्मीद कैसे कर रहे हैं ?और जिस सीट को लेकर वह परेशान है ,उनके वे विधायक बीजेपी में शामिल हो गए।उम्मीद है कि कुछ काम किया जा सकता है,लेकिन एसपी को ऐसे राज्य में जमीनी हकीकत को समझने की जरूरत है जहां उनका कोई आधार नहीं है।

इंडिया गठबंधन का प्लान विफल

14 सितंबर को इंडिया ब्लॉक की 14 सदस्य समन्वय समिति ने दिल्ली में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार के घर पर बैठक की। इसमें सीट बंटवारे की बातचीत कैसे शुरू की जाए इस पर चर्चा हुई थी। उस समय भी सब यह जानते थे की सीट साझा करना मुश्किल होने वाला है, खासकर पंजाब,दिल्ली,उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जहां गठबंधन के सदस्य कट्टर प्रतिद्वंद्वी हैं।सर्वसम्मति यह बनी कि ऐसे में कोई सर्वव्यापी या एक समान फार्मूला नहीं होगा और अलग-अलग पार्टियां अपने अंकगणित को सही करने के लिए अपनी केमिस्ट्री पर भरोसा कर सकेगी। ऐसे में एमपी राजस्थान और छत्तीसगढ़ में गठबंधन के तीन सबसे प्रमुख घटक विधानसभा चुनाव में आमने-सामने हैं।

 

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