बीरेंद्र कुमार झा
निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है।यह चुनाव ऐसे वक्त में हो रहा है,जब बिहार सरकार ने राज्य में जातीय जनगणना कराई है।इसमें ओबीसी समुदाय के लोगों की संख्या 63% पाई गई है। इसके बाद से ही वहां सूबे में आरजेडी ,जेडीयू और कांग्रेस के गठबंधन के हौसले काफी बुलंद है। यही नहीं कांग्रेस समाजवादी पार्टी जैसे दल डाल अब इसे देश के अन्य राज्यों में भी ऐसा सर्वे करने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस ने तो राजस्थान से इसकी शुरूआत की कवायद भी भी कर दी । साथ ही सत्ता में आने पर उनके नेता राज्यों में और लोक सभा जीतने पर पूरे देश में जातीगणना करवा देंगे जैसी बातें जोर – शोर से उठा रहे हैं । ऐसे में बीजेपी को लगता है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में उसे इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बीजेपी की पहली नीति
बीजेपी ने ऐसी स्थिति की काट के लिए पहले से रणनीति बनाना शुरू कर दिया है । बीजेपी की रणनीतिकारों का कहना है कि मोदी सरकार की ओर से चलाई गई सामाजिक योजनाओं का प्रचार करेंगे इससे हम लाभार्थी वर्ग तक पहुंचेंगे जिनकी संख्या 10 करोड़ परिवार यानी 50 करोड़ तक है सामाजिक योजनाओं के नाम पर वह जाति और धर्म में पड़े बिना ही बड़ी संख्या में गरीब तबके को साथ ला सकेगी यह वजह की पीएम मोदी लगातार अपनी सरकार की योजनाओं को बना रही है।
बीजेपी की दूसरी नीति
यही नहीं जातीय जनगणना का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने तो यहां तक कहा कि कुछ लोग हिंदू समाज को बांट देना चाहते हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश में कहा था कि कांग्रेस हिंदुओं को बांट देना चाहती है।माना जा रहा है की बीजेपी हिंदू वोट बैंक को साथ रखने के लिए हिंदू एकता पर जोर देगी। इसके अलावा सामाजिक समरसता पर फोकस किया जाएगा ताकि सभी जातियों के लोग उसके साथ आ सके। इसके लिए आरएसएस की भी मदद लेने का प्लान है,जिसका हिंदू समाज के हर वर्ग में आधार है।हिंदू वोटो के बंटवारे को रोकने के लिए यह प्लान तैयार ही रहा है।
बीजेपी की तीसरी नीति
बीजेपी के लोगों को यह भी लगता है कि वह विश्वकर्मा योजना के जरिए ओबीसी जातियों में अपना पैठ बना सकेगी। पार्टी की एक नेता ने कहा कि बीजेपी ने ओबीसी समाज की शक्तिकरण के लिए बहुत काम किए हैं। विपक्ष के लोग बिना मतलब के ही ऐसे मुद्दे खड़े कर रहे हैं।हम जानबूझकर पूरे देश के सभी लोगों के साथ खड़े हैं। यही नहीं चुनाव पूर्व बीजेपी ने महिला और बड़े सामाजिक वर्ग को लुभाने के लिए कुछ बड़ी स्कीमों का भी ऐलान किया है। साथ ही सोशल इंजीनियरिंग के जरिए भी बीजेपी सबका साथ ,सबका विकास वाला नैरेटिव पेश करने में जुटी हुई है।

