अखिलेश अखिल
राजस्थान में बीजेपी कोर कमिटी की बैठक हुई। यह बैठक बुधवार के शाम सात बजे से शुरू हुई और देर रात साढ़े तीन बजे तक चली। कई राउंड की बैठक हुई। सबके साथ अलग -अलग बैठके भी हुई। एक बार अमित शाह और नड्डा के साथ वसुंधरा की बैठक हुई फिर अलग से अमित शाह और वसुंधरा राजे की बैठक हुई। फिर पार्टी नेताओं के साथ भी बैठक हुई। इसके बाद तय हुआ कि इस बार पार्टी बिना सीएम फेस के ही चुनावी मैदान में उतरेगी। सब ने माना। सब खुश भी हुए ,कोई सीएम का उम्मीदवार नहीं होगा। किसी का चेहरा आगे नहीं हॉग ा.पीएम मोदी के चेहरे और पार्टी के चुनाव चिन्ह पर ही चुनाव लड़ा जाएगा। इसके बाद खबर आई कि वसुंधरा राजे ने भी हामी भरी। वे खुश थी। चेहरे पर मुस्कान था और उन्होंने यह भी कहा कि सब ठीक है और पॉजिटिव भी। आगे मिलकर काम करेंगे और पार्टी को जिताएंगे।
इसमें कोई शक नहीं वसुंधरा राजे काफी नाराज चल रही थी। पार्टी की परिवर्तन यात्रा से वह दूर ही रही। राजस्थान में परिवर्तन यात्रा के दौरान वह दिल्ली में दस दिनों से बैठी हुई थी। अपने लोगों से मिल रही थी और आगे की योजना पर भी काम कर रही है। बीजेपी को यह सब पता चल रहा था। बीजेपी के भीतर बेचैनी बढ़ी और फिर पार्टी अध्यक्ष नड्डा के साथ कल दोपहर को ही अमित शाह जयपुर रवाना हो गए। शाम से ही बैठक चली और और अब सब ठीक होने की बात सामने आयी।
अब सबको बीजेपी की पहली सूची की प्रतीक्षा है। कहा जा रहा है कि बीजेपी ने 30 उम्मीदवारों की पहली सूचि तैयार कर रखी है। इस सूचि में वसुंधरा राजे का भी नाम है। वे चुनाव लड़ेंगी और। उनके कई समर्थक भी चुनावी मैदान में होंगे। कहा जा रहा है कि वसुंधरा ने कुछ लोगों के बारे में भी बात की है और टिकट की मांग की है। खबर ये भी निकल रही है कि शुक्रवार को उम्मीदवारों की पहली सूचि सामने आएगी। इसके बाद 30 सितम्बर को बीजेपी चुनाव समिति की बैठक होगी। इस बैठक में राजस्थान से जुड़े नेता भी शामिल होंगे। वसुंधरा राजे भी इस बैठक में शामिल हो सकती हैं।
कहा जा रहा है कि बीजेपी ने परिवर्तन यात्रा तो कांग्रेस की सरकार को घेरने के लिए किया था लेकिन उस यात्रा में भीड़ नहीं जुटी थी। सभी कुर्सियां खाली ही पड़ी थी। किसी भी नेता को सुनाने को कोई तैयार नहीं था। बीजेपी को फीड यह भी मिला कि वसुंधरा की नाराजगी की वजह से ही बिड नहीं आ पाई थी। संघ को भी लगा कि अगर वसुंधरा चुनाव से दूर रही तो पार्टी की हालत और भी ख़राब हो सकती है। इसके बाद ही बीजेपी के बड़े नेता एक्टिव हुए और शाह और नड्डा जयपुर के लिए रवाना हुए।
मीटिंग की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कोर कमेटी की मीटिंग में फैसला हुआ कि इलेक्शन के लिए कोई सीएम फेस नहीं होगा। सूत्रों की मानें तो शाह और नड्डा ने वसुंधरा ने वन-टू-वन मीटिंग भी की। इस मींटिग में उनको भरोसा दिया गया कि पार्टी बिना सीएम फेस के मैदान में उतरने जा रही है लेकिन टिकट बंटवारे के दौरान उनकी राय को महत्व दिया जाएगा। इसके साथ ही यह चुनाव अन्य राज्यों की तरह पीएम मोदी के चेहरे पर लड़ा जाएगा।
बताया जा रहा है कि पार्टी इस बार एमपी वाला फाॅर्मूला राजस्थान में भी लागू कर सकती है। चुनाव में कमजोर सीटों पर और जातीय समीकरणों को साधने के लिए पार्टी टोंक-सवाईमाधोपुर सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया, राज्यसभा सासंद किरोड़ी लाल मीणा और दीया कुमारी को मैदान में उतार सकती है। इसके अलावा कैलाश चौधरी, गजेंद्र सिंह शेखावत और पीपी चौधरी को भी चुनावी रण में उतारने की संभावना है।

