बीरेंद्र कुमार झा
बीते करीब डेढ़ साल से महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल का दौर जारी है शिवसेना में फुट के साथ शुरू हुई यह हलचल, एनसीपी में दो फाड़ तक जा पहुंची और अब तीनों पक्षों की एकनाथ शिंदे सरकार को लेकर भी कयास तेज हो गए हैं। होम मिनिस्टर अमित शाह के मुंबई पहुंचने पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तो अमित शाह से मुलाकात हुई। अमित शाह दोनों नेताओं के घर में गणेश पूजा में भी शामिल हुए थे ,लेकिन एक दूसरे उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने उनसे दूरी ही बनाए रखा।इस दूसरे उपमुख्यमंत्री अजीत पवार द्वारा अमित शाह से इस प्रकार दूरी बना लिए जान एक बार फिर से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया कि क्या अजीत पवार इस गठबंधन में खुश नहीं है और विकल्प पर विचार कर रहे हैं?
अजीत पवार ने कयासों पर लगाया ब्रेक
महाराष्ट्र आए गृह मंत्री अमित शाह से अजीत कुमार द्वारा भेंट नहीं करने को लेकर चल रही सियासी चर्चाओं पर खुद अजीत पवार ने ही ब्रेक लगा दिया। अजीत पवार ने कहा कि वह दूसरे कार्यक्रम में व्यस्त थे, इसलिए अमित शाह के साथ मीटिंग में नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि वह बारामती में दुग्ध सहकारी संगठनों , मार्केट कमेटी और कोऑपरेटिव हाउसिंग कमिटी की मीटिंग में व्यस्त थे ।उन्होंने कहा कि मैं इन संस्थाओं की सालाना आमसभा में शामिल हुआ था, जो पहले से तय था। बारामती में हुए इन आयोजनों का एजेंडा 15 दिन पहले ही तय हो गया था। मैं इस बारे में गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर समेत मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पहले ही बता चुका हूं।
शरद पवार के पोते रोहित पवार के अगला मुख्यमंत्री बनने पर दी प्रतिक्रिया
इन दिनों महाराष्ट्र में अजीत पवार के भतीजे और शरद पवार के पोते रोहित पवार को अगला सीएम बनाए जाने वाले पोस्टर जगह जगह पर लगे हुए हैं। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अजित पवार ने कहा कि इस तरह के पोस्टर से कार्यकर्ता संतुष्ट हो जाते हैं,लेकिन इससे जनता को कोई लाभ नहीं है। जिसके पास भी 145 विधायक होंगे वही महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री बन सकता है, बाकी सब तो दिन में सपना देखने के जैसा है। गौरतलब है कि अजीत पवार ने बारामती में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए यह भी कह दिया था कि मैं वित्त मंत्री के पद पर हूं,इसलिए लाभ दिलाने की मेरी कोशिश है, लेकिन मैं कब तक इस पद पर रहूंगा यह कह नहीं सकता।

