बीरेंद्र कुमार झा
दिल्ली के द्वारका में बने इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर(IICC ) के पहले चरण का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर कहे जाने वाले इस केंद्र में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद खाश अंदाज में नजर आए। एक्सपो सेंटर में आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले जूता – चप्पल बनाने वाले मोचियों बातचीत की। मोचियों से बातचीत करते समय पीएम मोदी मोचियों द्वारा बनाए गए जूतों को भी निहार रहे थे।एक्सपो सेंटर में पीएम मोदी ने सिर्फ मोचियों से ही नहीं बल्कि मिट्टी की शिल्पकारी करने वाले कुम्हारों से भी मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इस दौरान पीएम मोदी ने कुम्हारों से उनकी कला के बारे में पूछा और जाना।
पीएम मोदी ने कन्वेंशन सेंटर में मौजूद शिल्पकारों से उनकी कारीगरी के बारे में जानकारी ली।
इस केंद्र में भारत के सबसे बड़ी एलइडी स्क्रीन भी लगाई गई है।इस एक्सपो सेंटर के उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी ने दर्जी,कुम्हार, मोची,राजमिस्त्री, लोहार समेत कई कारीगरों और शिल्पकारों से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन मेहनतकश शिल्पकारों से उनकी कारीगरी के बारे में बातचीत की और उनका हाल-चाल भी जाना।
11 हजार लोगों के बैठने की है क्षमता
पीएम मोदी ने यशोभूमि नाम से बने जिस इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर को देश को समर्पित किया है,उसमें 15 कन्वेंशन सेंटर और 11 हजार लोगों के बैठने की क्षमता है।बताया जा रहा है कि यह सेंटर 8.9 लाख वर्ग मीटर से अधिक के परियोजना क्षेत्र और 1.8 लाख वर्ग मीटर से अधिक के कंस्ट्रक्टेड एरिया में फैला हुआ है।
25 हजार 7 सौ 3 करोड़ की लागत से बना है यशोभूमि एक्स्पो
बताया जा रहा है कि यशोभूमि प्रोजेक्ट की कुल लागत 25,703 करोड़ रूपया है पहले चरण की लागत 5400करोड़ रुपया है।इस कन्वेंशन सेंटर में मेन हाल,ग्रैंड बाल रूम समेत 8 मंजिला कन्वेंशन सेंटर है। बताया जा रहा है किसने 15 कन्वेंशन रूम और 13 मीटिंग रूम शामिल है। पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन के मौके पर इस सेंटर का उद्घाटन किया है। इस कन्वेंशन सेंटर में बड़ी बैठकें, सम्मेलन और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी।प्राप्त जानकारी के अनुसार यशोभूमि का एग्जीबिशन हॉल दुनिया के सबसे बड़े एग्जिबिशन हॉल में से एक है।
इस यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर की एक खास बात यह भी है कि इसमें भारतीय संस्कृति से जुड़ी चीजों का इस्तेमाल किया गया है।यशोभूमि के छत पर सौर पैनल का भी इस्तेमाल किया गया है।इसमें जल संरक्षण पर भी खास जोर दिया गया है।यहां रोशनी के लिए जगह-जगह रोशनदान बनाए गए हैं। इसमें बीवीआईपी लोन और मीडिया रूम समेत कई एरिया विकसित किए गए हैं।

