झारखंड कांग्रेस के अंदर की राजनीति गरमाई,तय हुए लोकसभा प्रभारी

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वीरेंद्र कुमार झा

प्रदेश कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है।झारखंड के लोकसभा सीटों को लेकर मंगलवार को प्रभारी का चयन किया गया है ।लोकसभा सीटों के प्रभारी का चयन चुनावी रणनीति के हिसाब से होता है। यह मान कर चला जाता है कि लोकसभा के प्रभारी की आने वाली चुनाव में उम्मीदवारी हो सकती है।इधर लोकसभा प्रभारी की घोषणा हुई, उधर कई नेताओं की धड़कन बढ़ गई। कई लोकसभा सीटों की प्रबल दावेदार को काटकर उन्हें दूसरी जगह का प्रभारी बनाया दिया गया है।

गोड्डा को लेकर 3 नेता कर रहे थे दावेदारी

अब कांग्रेस के अंदर खाने की राजनीति गरमाई हुई है। पिछली बार गोड्डा से कांग्रेस जेभीएम गठबंधन से चुनाव लड़ने प्रदीप यादव को राजमहल का प्रभारी बनाया गया है।वहीं गोड्डा से लोकसभा चुनाव की प्रबल दावेदार मानी जा रही दीपिका पांडे सिंह को दुमका भेज दिया गया है।पूर्व सांसद फुरकान अंसारी भी गोड्डा लोकसभा सीट पर अपनी दावेदारी पेश करते आए हैं।ऐसे में तीनों नेताओं को गोड्डा से किनारे कर विवाद को फिलहाल शांत रखने का प्रयास किया गया है।

पार्टी ने तीनों ही नेताओं की दावेदारी के बीच से रास्ता निकालने का प्रयास किया है। हालांकि पार्टी की सूची से कई नेताओं की नाराजगी भी बढ़ी है। गोड्डा लोकसभा का प्रभारी आलमगीर आलम को बनाया गया है, वहीं वर्तमान वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव को लोहरदगा से पलामू भेज दिया गया है। पार्टी ने संकेत दे दिया है कि इस बार लोहरदगा में उन्हें मौका नहीं भी दिया जा सकता है।

कुछ नेताओं को उनके क्षेत्र की ही मिली जिम्मेदारी

सुखदेव भगत को लोहरदगा लोकसभा का प्रभारी बनाया गया है। धनबाद में जलेश्वर महतो और मंत्री बना गुप्ता दोनों ही प्रभारी होंगे।हजारीबाग सीट पर पार्टी ने अब तक कोई पत्ता नहीं खोला है। इंडिया गठबंधन में यह सीट कांग्रेस के पास जा सकती है हजारीबाग से डॉक्टर प्रदीप पालमुचु को प्रभारी बनाया गया है। हजारीबाग सीट से कई दावेदार है। विधायक अंबा प्रसाद भी इस सीट के लिए लॉबिंग कर रही है।

खूंटी सीट से चुनाव लड़ने वाले कालीचरण मुंडा की जगह बंधु तिर्की को जवाबदेही दी गई गई है। ऐसे भी कई नेता है जिन्हें उनकी लोकसभा सीट का ही प्रभारी बनाया गया है। ऐसी सीटें इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के ही खाते में आने की संभावना है। रांची में सुबोध कांत सहाय को प्रभारी बनाया गया है, वही जमशेदपुर में डॉक्टर अजय कुमार को ही इसकी जिम्मेदारी दी गई है।धीरज साहू को भी चतरा भेजा गया है। श्री साहू चतरा से ही चुनाव लड़ते आए हैं।

नेताओं के अनुभव लाभ लेने की तैयारी

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बताया कि यह पूर्ण रूप से संगठन के कामकाज को दुरुस्त करने की व्यवस्था मात्र है। इसको चुनाव से जोड़कर देखा नहीं जा सकता है। हमारे पास कई अनुभवी नेता है,जिन्हीने अपने क्षेत्र को मजबूत बनाया है। पार्टी उनके अनुभव का लाभ दूसरी जगह पर भी लेना चाहती है अभी चुनाव में देरी है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आलाकमान सब कुछ तय करता है। अभी किसी तरह की कोई जल्दी बाजी नहीं है।

 

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