सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की भारत यात्रा से पाकिस्तान को लगा तगड़ा झटका

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विकास कुमार
भारत और सऊदी अरब के बेहतर होते रिश्ते से पाकिस्तान की नींद उड़ गई है। कश्मीर के बारे में दुष्प्रचार करके इस्लामिक मुल्कों को बरगलाने का पाकिस्तान का धंधा अब ठप हो गया है। भारत-सऊदी और यूरोप के नए आर्थिक गलियारे से भी पाकिस्तान को झटका लगा है। जी 20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आए सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की यात्रा से पाकिस्तान की सांसें अटक गई है। दरअसल अभी कुछ दिन पहले ही सऊदी प्रिंस की इस्ला माबाद यात्रा रद्द हुई थी। सऊदी प्रिंस ने पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया है,अपने बिरादर मुल्क सऊदी अरब की तल्खी से पाकिस्तानी सेना और सरकार का दिल टूट गया है।

पाकिस्तान की चिंता का सबसे बड़ा कारण नई दिल्ली में अमेरिका, भारत, सऊदी अरब, फ्रांस, जर्मनी, इटली के नेताओं की संयुक्त घोषणा से भी है.। जी 20 सम्मेलन में कई ऐसे फैसले हुए हैं जिससे पाकिस्तान सीधे तौर पर प्रभावित होने वाला है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब इन समस्याओं में उसे अपने खास दोस्त सऊदी का साथ भी मिलता नहीं दिख रहा है। आईएमईसी गलियारे  से पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है। भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे यानी आईएमईसी की घोषणा से पाकिस्तानी सेना में चिंता की लहर दौड़ गई है। पाकिस्तान की चिंता है कि इस्लामिक वर्ल्ड के दो प्रमुख देश सऊदी अरब और यूएई इसमें शामिल होंगे। ये नया आर्थिक गलियारा बनने से चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का प्रभावित होना तय है। पाकिस्तान का सीपीईसी प्रोजेक्ट भी आईएमईसी गलियारे की वजह से संकट में आ सकता है।

पाकिस्तान को डर है कि सऊदी अरब ने कुछ दिनों पहले जो 25 अरब डॉलर के भारी भरकम का निवेश पाकिस्तान में करने का वादा किया था,कहीं अब उस पर ग्रहण ना लग जाए।

पाकिस्तान कुछ साल पहले तक सऊदी अरब के जरिए भारत के खिलाफ ओआईसी में दबाव बनाता था। पाकिस्तान, कश्मीर में मुसलमानों पर अत्याचार का दुष्प्रचार करता रहता था। सऊदी अरब को अब पाकिस्तान की चालाकी समझ में आ गई है। अब सऊदी अरब कश्मीर में भारी निवेश कर रहा है,भारत के साथ सऊदी की मजबूत होती दोस्ती की ही वजह है कि सऊदी प्रिंस के दौरे को भारत ने राजकीय यात्रा का दर्जा दिया है। पाकिस्तान को लगता है अब इस्लामिक देशों के संगठन में भी वह अकेला पड़ जाएगा।

कंगाली के दहलीज पर खड़े पाकिस्तान को सऊदी अरब से मदद की उम्मीद थी,लेकिन जिस तरह से सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मीद बिन सलमान ने पाकिस्तान जाने से परहेज किया है। इससे अब पाकिस्तान की आखिरी उम्मीद भी टूटती नजर आ रही है।

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