विकास कुमार
सुप्रीम कोर्ट ने नवाब मलिक को उनकी सेहत के चलते दो महीने की अंतरिम जमानत दे दी है। जेल से बाहर से आने के बाद नवाब मलिक ने अपने सियासी इरादे जाहिर किए हैंं प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने वित्तीय हेराफेरी के मामले में नवाब मलिक को गिरफ्तार किया गया थां नवाब मलिक पिछले 18 महीने से ईडी की हिरासत में थे। इस बीच बार-बार अर्जी देने के बावजूद मलिक को जमानत नहीं मिल रही थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सेहत के चलते 14 अगस्त को नवाब मलिक जेल से रिहा कर दिया था। जेल से बाहर आने के बाद नवाब मलिक ने ये साफ कर दिया है कि वे एनसीपी के किस गुट में जाएंगे। इस बीच शरद पवार और अजित पवार गुट के कुछ अहम नेताओं ने उनसे मुलाकात की है। अब नवाब मलिक ने अपनी पोजिशन साफ कर दी है।
नवाब मलिक ने कहा कि मैं किसी भी गुट में शामिल नहीं होऊंगा,मैं मूल एनसीपी के साथ रहूंगा। फिलहाल, स्वास्थ्य का ख्याल रखना मेरे लिए प्राथमिकता है। मैं शहर के सबसे अच्छे डॉक्टर से इलाज कराऊंगा। मुझे उम्मीद है कि अगले महीने के भीतर मेरी स्थिति सामान्य हो जाएगी।
एनसीपी नेता नवाब मलिक के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि वह अजित पवार के गुट में शामिल नहीं होंगे। नवाब मलिक पिछले 18 महीनों के दौरान काफी मानसिक पीड़ा से गुजरे हैं। मलिक की पहली प्राथमिकता किडनी का इलाज कराना है,हालांकि चाहे कुछ भी हो नवाब मलिक शरद पवार गुट के ही साथ रहेंगे।

