कोलकाता (बीरेंद्र कुमार): पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के नाम का घोषणा हो गई है। डॉ. सीवी आनंद बोस को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से गुरुवार (17 नवंबर) को एक बयान में इस बात घोषणा की गई है। राष्ट्रपति भवन के एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “भारत की राष्ट्रपति को डॉ सीवी आनंद बोस को पश्चिम बंगाल के नियमित राज्यपाल के रूप में नियुक्त करते हुए खुशी हो रही है। ये नियुक्ति उनके कार्यालय का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी ”
कौन हैं डॉ सीवी आनंद बोस ?
सीवी आनंद बोस पूर्व आईएएस अधिकारी हैं। फिलहाल वह मेघालय सरकार मे सलाहकार हैं। उनका जन्म केरल के कोट्टायम में 2 जनवरी 1951 को हुआ था। वह बिट्स पिलानी से पीएचडी होल्डर और केरल यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी भाषा और साहित्य में एम ए हैं। डॉ सीवी आनंद बोस को जवाहरलाल नेहरू फैलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है। वे मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के पहले फेलो भी हैं, जहां शीर्ष सिविल सेवा अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाता है। आनंद बोस लेखक भी हैं। उन्होंने अंग्रेजी,मलयालम और हिंदी में 40 पुस्तकें प्रकाशित की हैं। सीवी आनंद बोस उस कार्यकारी समूह के अध्यक्ष थे जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के लिए विकास एजेंडा तैयार किया था। सरकार ने “सभी के लिए किफायती आवास” के उनके कॉन्सेप्ट को अपनाया गया था।
ममता के साथ कैसा होगा नए राज्यपाल का संबंध
पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का हमेशा छत्तीस का आंकड़ा रहा। लेकिन उनके उपराष्ट्रपति बन जाने के बाद इन दोनों का झगड़ा समाप्त हुआ। इसके बाद उसके बाद अतिरिक्त प्रभार पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के पद को संभाल रहे लॉर्ड गणेश से ममता बनर्जी के संबंध मधुर रहे। ऐसे नहीं पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल डॉ सी वी आनंद बोस से भी ममता बनर्जी के संबंध मधुर रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नए राज्यपाल सीवी आनंद बोस को फोन कर बधाई दी और उनसे पदभार संभालने के दिन को लेकर बातचीत की। ममता बनर्जी ने बधाई के तौर पर राज्यपाल को फूल भी भिजवाया। डॉक्टर सी वी आनंद बोस ने भी कहा कि ममता बनर्जी राज्य की चुनी हुई मुख्यमंत्री हैं। राज्यपाल के रूप में ममता बनर्जी के साथ काम करूंगा । मैं उस तरह से कार्य करूंगा जैसा कि राज्यपाल को संविधान के अनुसार करना चाहिए। मैं निष्पक्ष होकर वस्तुनिष्ठ दृष्टिकोण से हर चीज पर विचार करूंगा। राज्य के विभिन्न पहलुओं पर विचार करूंगा डॉ आनंद बोस ने बार-बार कहा कि वह संविधान के मुताबिक ही काम करेंगे।

