जानिए जमा मस्जिद के शाही इमाम ने क्या किया पीएम मोदी से गुजारिश ——

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न्यूज़ डेस्क 

शुक्र्वार को जुमे क नमाज से पहले दिल्ली जमा मस्जिद के शाही इमाम ने प्रधानमंत्री से अपने मन की बात करते हुए गुजारिश भी है। उन्होंने कहा कि आज देश साम्प्रदायिकता की गिरफ्त में है। और ये सब देश के लिए खतरा है। खुलेआम एक धर्म को मानने वालों के खिलाफ धमकी दी जाती है। पंचायत करके कहा जाता है कि मुसलमानो का बायकाट करो। शाही इमाम ने प्रधान मंत्री से गुजारिश करते हुए कहा कि वे मुसलमानो के मन की बात भी सुने। उन्होंने कहा कि पीएम आप मन की बात करते हैं, मुसलमानों के मन की बात भी सुनिए। इमाम ने कहा कि मुस्लिम इन हालातों से परेशान हैं, वो सोच रहे हैं कि मुल्क का क्या भविष्य होगा? मुसलमान ही नहीं हिंदू, ईसाई और सिख भी यही सोच रहे हैं। एक धर्म को मानने वालों को खुलेआम धमकी दी जा रही है।         
    शाही इमाम ने आगे कहा कि हमें सजा इसलिए दी जा रही है क्योंकि हम मुसलमान हैं। यह सबको पता है कि ये सब चुनाव की वजह से कराया जा रहा है। कोई भी पार्टी हमेशा सत्ता में नहीं रहने वाली। प्रधानमंत्री जी हालात को समझें और गौर करें। आजादी के 75 साल बाद भी मुसलमानों को सामाजिक न्याय नहीं मिला। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट इसका आईना है। हमारे लिए कमीशन बनाए जाते रहे लेकिन कुछ नहीं हुआ। हमारे हालात दलितों से भी बदतर हैं।
                  शाही इमाम ने कहा कि क्या कभी 57 देशों के मुसलमानों ने किसी गैर धर्म के लोगों के बायकॉट की बात कही है? कल तक हम सब साथ रहते थे, लेकिन कुछ कट्टरपंथियों ने इस देश की हवा को खराब कर दिया है। इन्हीं सबके लिए क्या देश को आजाद कराया गया था? बुखारी ने कहा कि मैं हिंदुस्तान के मुसलमानों की ओर से कह रहा हूं कि हम सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। हम से बात कीजिए, हिंदू नेताओं से भी बात कीजिए और फिर एक संयुक्त बैठक कीजिए। इन हालात का हल तलाश कीजिए ताकि नफरत के इस माहौल से मुल्क को बचाया जा सके।
          शाही इमाम ने कहा कि हाल में हुई घटनाओं ने देश के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मणिपुर, मेवात, ट्रेन में मुसलमानों को मारना, गुरुग्राम में बेगुनाह इमाम का कत्ल, नूंह में बेगुनाहों के घर गिराए गए हैं।
                 बुखारी ने कहा- मै यही कहूंगा कि मैं जुनून का हमसफर हूं। मेरा कोई घर नहीं। आज ये हालत मेवात के मुसलमानों के हैं, उनके पास घर नहीं, उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। भारत का कोई कानून क्या ये कहता है कि बिना जांच के लोगों के घर गिरा दिए जाएं? शाही इमाम ने आगे कहा कि हम हिंसा का समर्थन नहीं करते, जो हुआ वो दर्दनाक है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश के लिए ये अच्छा नहीं है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से भी दिल बड़ा कर मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों से बात करने की अपील की।

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