विकास कुमार
राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने महिलाओं को मुफ्त मोबाइल देने की एक बड़ी योजना लॉंच की है। अशोक गहलोत सरकार ने एक करोड़ चालीस लाख महिलाओं को मुफ्त मोबाइल फोन देने की योजना बनाई है। देखा जाए तो ये देश की सबसे बड़ी मुफ्त मोबाइल फोन देने की योजना है। इस योजना का नाम इंदिरा गांधी मुफ्त स्मार्ट फोन योजना रखा गया है। राजस्थान की महिलाओं को इस योजना का बेसब्री से इंतजार था। बांसवाड़ा दौरे पर आए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हाथों स्मार्ट फोन देने की शुरुआत कर दी गई है। वहीं 10 अगस्त से राजस्थान की महिलाओं को स्मार्ट फोन का वितरण शुरू हो गया है। पिछले साल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुफ्त स्मार्ट फोन देने की घोषणा की थी। डेढ़ साल के इंतजार के बाद इस योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। राजस्थान की कुल 1 करोड़ 40 लाख महिलाओं को मोबाइल फोन दिए जाने हैं,लेकिन पहले चरण में 40 लाख महिलाओं को मुफ्त स्मार्टफोन दिए जाएंगे।
मुफ्त स्मार्टफोन हासिल करने के लिए महिलाओं को जन आधार कार्ड का उपयोग करना होगा। पहले चरण में कुल 40 लाख महिलाओं को स्मार्टफोन दिए जाने हैं। इनमें भी अलग अलग फेज बनाए गए हैं,पहले फेज में उन चिरंजीवी परिवारों को स्मार्टफोन दिए जाएंगे जिन परिवारों की बच्चियां 10वीं या 12वीं क्लास में पढ़ती हैं। अगर बच्चियां कॉलेज,आईटीआई या पॉलिटेक्निक संस्थानों में अध्ययन करने जाती हैं तो उन्हें पहले फेज में स्मार्ट फोन दिए जाएंगे।
वहीं दूसरे फेज में एकल नारी और पेंशन पाने वाली महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही मनरेगा में एक सौ दिन काम करने वाले परिवार को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले परिवारों को भी पहले चरण में मुफ्त स्मार्टफोन दिए जाएंगे। स्मार्ट फोन देने का मुख्य आधार जन आधार कार्ड है, अगर आधार कार्ड की मुखिया महिला की मृत्यु हो चुकी है तो ऐसी स्थिति में मुखिया के 18 साल से बड़े बेटे बेटी को स्मार्टफोन दिए जाएंगे।
इस योजना का मुख्य मकसद गरीब महिलाओं को स्मार्ट फोन के जरिए सशक्त करना है। स्मार्ट फोन मिलने से गरीब महिलाएं भी तकनीक का इस्तेमाल करना सीख जाएंगी,साथ ही सूचना और मनोरंजन का एक साधन भी उन्हें मिल जाएगा। राहुल गांधी ने बांसवाड़ा में कहा था कि कांग्रेस सरकार गरीब लोगों के लिए काम करती है,महिलाओं को मुफ्त स्मार्ट फोन देना भी इसी दावे को साकार करता है।

