शेख अब्दुल्ला को जेल, शरद पवार को किया बर्खास्त। बीजेपी एमपी ने खींची इंडिया के घटक दलों के बीच अविश्वास की रेखा।

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बीरेंद्र कुमार झा

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई ने सबसे पहले अविश्वास प्रस्ताव को सदन में पेश किया और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को मणिपुर हिंसा मामले पर घेरा। गोगोई ने बार-बार प्रधानमंत्री से पूछा कि वह मणिपुर के मामले पर चुप क्यों है? सदन से गायब क्यों है? इसके बाद बीजेपी की तरफ से झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने प्रस्ताव पर अपनी बात रखी।

विपक्षी दलों के बीच के बीच आपसी विश्वास जांचने के लिए है यह प्रस्ताव

निशिकांत दुबे ने इस प्रस्ताव का विरोध किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि यह बीजीपी के प्रति अविश्वास प्रस्ताव नहीं है, बल्कि विपक्षी दलों के बीच का विश्वास प्रस्ताव है कि कौन विपक्ष के साथ साथ है और कौन साथ साथ नहीं है, यह उसी विश्वास का परीक्षण है।प्रधानमंत्री की इस कथित टिप्पणी को विस्तार से समझाते हुए गोड्डा के संसद निशिकांत दुबे ने कहा कि कांग्रेस ने जो काले कारनामे अतीत में किए हैं, तो उसकी वजह से उसके सहयोगी दलों का उस पर विश्वास नहीं हो रहा है।ऐसे में वे अपने लिए विश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं।

कांग्रेस ने ही विपक्षी इंडिया गंठबंधन के सदस्य राजनीतिक दलों को पहुंचाई है क्षति

बीजेपी सांसद ने कहा कि विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस के बाद सबसे बड़ा घटक दल डीएमके है।इस डीएमके के मुखिया एमके स्टालिन के पिता दिवंगत करुणानिधि की सरकार को 1976 में कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर बर्खास्त कर दिया था, और 1980 में जब इंदिरा गांधी की सरकार बन रही थी, तब डीएमके उसके साथ हो गई थी।निशिकांत दुबे ने कहा कि राजीव गांधी हत्या की जांच के लिए बनाई जैन कमीशन ने रिपोर्ट दिया था कि लिट्टे को सहयोग करुणानिधि की पार्टी किया करती थी। बीजेपी सांसद ने कहा कि डी राजा पर 2G का आरोप लगाकर कांग्रेस ने विभाग बदल दिया था।

निशिकांत दुबे ने कहा कि विपक्षी गठबंधन वाली दूसरी बड़ी पार्टी टीएमसी है,सिंगुर पर हमने ममता बनर्जी को साथ दिया था और राजनाथ सिंह उनकी रैली में शामिल हुए थे.।हमने उनकी सरकार बनाने में मदद की, लेकिन कांग्रेस ने उसे पर नारदा स्टिंग घोटाले का केस किया। दुबे ने आरजेडी का जिक्र किया और कहा कि हमने उनको (लालू) जेल नहीं भेजा। उन्हें 1995 में कांग्रेस की सरकार ने ही अंदर करवाया था और ललन सिंह पेटीशनर बने थे।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि समाज एसपी मुखिया मुलायम सिंह यादव की इमेज को भी कांग्रेस ने ही चौपट किया था और आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज करवाया था।2008 में उन्होंने (:मुलायम सिंह ) आयकर विभाग की जांच की डर से मनमोहन सिंह सरकार को समर्थन दिया था। निशिकांत दुबे ने कहा कि 1980 में शरद पवार की सरकार को बर्खास्त करने और ¹जम्मू-कश्मीर में 1953 में शेख अब्दुल्ला को 1975 तक इसी कांग्रेस ने जेल में बंद रखा था। इसके बाद 1975 में शेख – इंदिरा समझौता हुआ था।

बीजेपी सांसद ने कहा इन सभी दलों को जब कांग्रेस ने सताया था तो वह विरोध बीजेपी का क्यों कर रहे हैं? दुबे ने यह भी कहा कि 2005 में उन्होंने जेडीयू को सबसे ज्यादा फंड दिलवाया था।

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