समाजवादी पार्टी विधायक इरफान सोलंकी की तलाश में जुटी यूपी पुलिस,अग्रिम जमानत याचिका दाखिल

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लखनऊ (बीरेंद्र कुमार): एक महिला के घर में आगजनी की घटना को लेकर आरोपी समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। विधायक की तरफ से कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है। जबकि पुलिस की टीम महिला के घर आगजनी की घटना में आरोपी सपा विधायक इरफान सोलंकी और उसके भाई रिजवान की तलाश में जुट गई है।

विधायक इरफान सोलंकी पर क्या है आरोप ?

सपा विधायक इरफान सोलंकी और उसके भाई रिजवान के खिलाफ एक महिला के घर में आग लगा देने का आरोप है। 8 नवंबर को जाजमऊ थाना क्षेत्र के केडीए कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा ने विधायक इरफान सोलंकी और इसके भाई रिजवान के खिलाफ अपने घर में आगजनी करने को लेकर एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इस घटना के बाद से पुलिस विधायक और उसके भाई को तलाश रही है। इस मामले में विधायक की पत्नी का दावा है कि नजीर फातिमा के घर आग पटाखे और उसके चिंगारी से लगे हैं।

पुलिस की 5 टीम कर रही है विधायक और उसके भाई की तलाश

पुलिस ने इरफान सोलंकी और उसके भाई रिजवान सोलंकी के खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल कर लिया है। इसके बाद पुलिस ने 60 पुलिसकर्मियों की 5 टीम बनाई है जो जगह-जगह जाकर विधायक इरफान सोलंकी और उसके भाई रिजवान सोलंकी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अगर 1 महीने के अंदर यह दोनों पकड़ में नहीं आते हैं तो फिर कुर्की की कार्रवाई आगे शुरू की करवाई की जाएगी।

अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल

एक महिला के घर में आग लगा देने के आरोपी विधायक इरफान सोलंकी और उसके भाई रिजवान की तरफ से कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने इसके लिए 25 नवंबर को सुनवाई की तारीख तय की है। विधायक के वकील नरेश त्रिपाठी के अनुसार विधायक और उसके भाई को झूठा मुकदाने में फंसाया जा रहा है। जमानत याचिका में कहा गया है कि महिला का आरोप है कि 7 नवंबर को वह पूरे परिवार के साथ शादी में गई थी। रात को जब वह परिवार के साथ लौटकर घर आई तो देखा कि घर में आग लगी हुई थी,जबकि विधायक इरफान सोलंकी राजगीर रोड स्थित अपने कार्यालय में थे।

समाजवादी पार्टी का आरोप

पुलिस द्वारा जगह-जगह पर गिरफ्तारी के लिए दबिश बनाए जाने के बावजूद समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी और उसके भाई रिजवान की गिरफ्त में नहीं आने को लेकर समाजवादी पार्टी का अपना तर्क है। समाजवादी पार्टी का कहना है उत्तर प्रदेश की पुलिस ने जिस प्रकार विकास दुबे के मामले में गिरफ्तारी के बाद झूठा एनकाउंटर बता कर उसकी हत्या कर दी थी, वैसे ही वह समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी और उसके भाई रिजवान के साथ भी कर सकती हैं। इस डर की वजह से समाजवादी पार्टी विधायक इरफान सोलंकी और उसके भाई इस समय छुप-छुपकर चल रहे हैं। जब तक उनके अग्रिम जमानत की अर्जी पर कोई फैसला नहीं आ जाता है तब तक वह पुलिस से छिपकर ही रहेंगे।

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