- बीरेंद्र कुमार झा
बात 199 की है1 प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सरकार गिरने के बाद देश में लोकसभा के चुनाव हो रहे थे। इसी दौरान चेन्नई से करीब 40 किलोमीटर दूर श्रीपेरंबदूर में 21 मई 1991 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी एक चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे थे। वहां के उग्रवादियों ने एक शक्तिशाली मानव बम विस्फोट में उनकी हत्या कर दी थी। 7 साल के अंदर एक ही परिवार की दो बड़ी हस्तियों पहले (प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और फिर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी) की हत्या से सोनिया गांधी काफी डर गई थी।
सोनिया गांधी को थी राहुल की पढ़ाई की चिंता
उस वक्त राहुल गांधी हावर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे। सोनिया गांधी को सबसे बड़ी चिंता राहुल की पढ़ाई जारी रखने को लेकर थी। पूर्व सांसद और वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय ने अपनी किताब ‘ बीपी सिंह चंद्रशेखर सोनिया गांधी और मैं’ में इस घटना का जिक्र करते हुए लिखा है कि 1 दिन सोनिया गांधी ने अमिताभ बच्चन से कहा कि उन्हें राहुल की फीस की बहुत चिंता है।और क्या वे सिर्फ फीस काr इंतजाम कर सकते हैं?इस पर अमिताभ बच्चन ने जवाब दिया कि पैसे तो ललित सूर्य और सतीश शर्मा ने गड़बड़ कर दिए ,कुछ है ही नहीं, लेकिन मैं कुछ करुंगा।
अमिताभ से नाराज हो गई थी सोनिया गांधी
संतोष भारतीय ने किताब में लिखा है कि इसके 2 दिन बाद अमिताभ बच्चन ने $1000 का चेक सोनिया गांधी के पास भिजवा दिया था, लेकिन सोनिया ने उसको को बैरंग वापस लौटा दिया। कहा जाता है कि सोनिया गांधी ने इस घटना को अपना अपमान मानते हुए अमिताभ बच्चन को हमेशा के लिए अपनी जिंदगी से बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद सोनिया गांधी ने कभी भी अमिताभ बच्चन से मिलना स्वीकार नहीं किया।
चावल के कारोबार से था कनेक्शन
संतोष भारती ने अपनी किताब में इस बात का भी खुलासा किय कि जब राजीव गांधी जीवित थे, तब सतीश शर्मा ललित सुरी और अमिताभ बच्चन ने मिलकर चावल का व्यापार करना शुरू किया था ।भारतीय ने लिखा है कि यहां से बासमती चावल भेजा जाता था , लेकिन जादू से परमल में बदल जाता था क्योंकि भारत सरकार ने इसकी अनुमति दे रखी थी ऐसे में यह स्वाभाविक था कि इसमें कुछ और भी भागीदार थे जिनके नाम कभी सामने नहीं आए।
संतोष भारतीय का इशारा राजीव गांधी की तरफ था। बाद में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा थाकि शायद सोनिया गांधी को चावल के इस जजझा इस कारोबार की जानकारी थी। इसी वजह से उन्होंने अमिताभ बच्चन से राहुल की फीस के लिए मदद मांगी थी जिसके जवाब में बच्चन ने कहा था कि पैसे ललित सुरी और सतीश शर्मा ने गड़बड़ कर दिए हैं।
राजीव और अमिताभ मे थी गहरी दोस्ती
यह बात किसी से छिपी नहीं है कि राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन में गहरी दोस्ती थी।उनकी दोस्ती तब से थी जब अमिताभ 4 साल के थे और राजीव गांधी 2 साल के थे। दोनों की पहली मुलाकात इलाहाबाद में ही हुई थी दोनों परिवारों के बीच लंबे समय तक दोस्ती रही ।दोनों का परिवार इलाहाबाद से ही था।1984 में राजीव गांधी के कहने पर अमिताभ बच्चन ने इलाहाबाद के फूलपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था और सांसद बने थे।हालांकि कुछ साल बाद अमिताभ बच्चन ने कुछ साल बाद अमिताभ बच्चन ने राजनीति को अलविदा कह दिया था।

