ईडी निदेशक के सर्विस एक्सटेंशन से क्या डर गए हैं विपक्षी इंडिया वाले ?

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न्यूज़ डेस्क 

संसद की कार्यवाही आज भी नहीं चली। क्यों नहीं चली इसका जवाब कौन दें ? संसद चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की होती है लेकिन सत्ता पक्ष विपक्ष की मांग को पूरा नहीं कर रही है और संसद पिछले एक सप्ताह से हंगामे की भेंट चढ़ती जा रही है। अब सोमवार से संसद की कार्यवाही होगी। लेकिन इसी बीच संसद के बहार और भीतर के कई सांसदों ने ईडी निदेशक के एक्सटेंशन पर हैरानी जताई है। उन्होंने को भी कहा है वह भी हैरान करने वाला है। सांसदों ने आशंका भी जताई कि आने वाले कुछ दिनों में विपक्षी नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं। कई सांसदों को डर है कि अब आने वाले दिनों में कई सांसदों को झूठे मुक़दमे में फसाया जा सकता है और उन्हें बदनाम भी किया जा सकता है।    
         विपक्ष का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बावजूद आखिर क्यों मौजूदा डायरेक्टर को एक्सटेंशन दिया जा रहा है। राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित होने के उपरांत संसद से बाहर निकलते हुए कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट एक बार ऑब्जर्वेशन दे चुका है कि आपके पास कोई और सक्षम अधिकारी नहीं है। बावजूद उसके ईडी डायरेक्टर संजय मिश्रा को सरकार द्वारा डेढ़ महीने का एक्सटेंशन दिया गया।
             इस दौरान प्रमोद तिवारी के साथ कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद भी मौजूद थे। कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन्होंने बिहार की सरकार को अस्थिर करने का भरपूर प्रयास किया। पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी यही किया गया। लेकिन, राजनीतिक रूप से ये असफल रहे। प्रमोद तिवारी ने कहा कि आखिर डेढ़ महीने में ऐसा क्या होने वाला है। उन्होंने कहा कि अब यह लोग विपक्ष के नेताओं पर झूठे मुकदमे लगाना चाहते हैं।
         गौरतलब है कि संसद में शुक्रवार को भी मणिपुर हिंसा का मुद्दा छाया रहा। शुक्रवार को राज्यसभा में हालात यह रहे कि सदन शुरू होने के कुछ देर बाद कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। मणिपुर हिंसा पर नियम 267 के अंतर्गत चर्चा के लिए राज्यसभा में 47 नोटिस दिए गए थे। विपक्ष, मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री के बयान और सदन में विस्तार से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है।

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