बीरेंद्र कुमार झा
भारत में सरहद के रास्ते नशा भेजने में पाकिस्तान की भूमिका का खुलासा हो गया है। खबर है कि खुद पाकिस्तान के वजीरे आजम शहबाज शरीफ के करीबी ने माना है कि भारत में ड्रग्स भेजने के लिए पाकिस्तानी तस्कर ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।इसमें खास बात यह है कि यह कबूल नामा ऐसे समय पर आया है, जब भारत के सीमावर्ती इलाके में लगातार ड्रोन की गतिविधियां देखी जा रही है।
पाकिस्तानी पत्रकार के एक इंटरव्यू से हुआ खुलासा
पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर से बातचीत में प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के सलाहकार मलिक मोहम्मद अहमद खान ने तस्करी का जिक्र किया है। गौरतलब है कि खान का इंटरव्यू कसूर शहर में हुआ जो भारत की पंजाब सीमा के पास है। साथ ही खान कसूर से मेंबर ऑफ प्रोविंशियल असेंबली एमपीए भी हैं।
मीर की तरफ से ट्वीट किए गए वीडियो में कसूर में सीमा पार हो रही नशे की तस्करी को लेकर सवाल पूछा जा रहा है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि यह बहुत ही डरावना है। साथ ही उन्होंने बताया कि हाल ही में यहां 2 घटनाएं हुई,जिसमें हर ड्रोन के साथ 10 किलो हीरोइन लगी हुई थी और सीमापार फेंकी गई थी। एजेंसियां इसे रोकने के लिए काम कर रही है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में कर रहे ड्रोन का इस्तेमाल
खुद मीर ने भी कैप्शन में लिखा कि पीएम के सलाहकार मलिक मोहम्मद अहमद खान का बड़ा खुलासा। उन्होंने लिखा कि तस्कर हीरोइन के लिए पाकिस्तान भारत सीमा के पास कसूर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। दरअशल कसूर पंजाब के खेमकरण और फिरोजपुर के पास बसा हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि जुलाई 2022 से जुलाई 2023 के बीच सिर्फ फिरोजपुर जिले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत 795 एफआईआर दर्ज की गई थी ।
पाक मंत्री का बयान एक कबूलनामा
पाकिस्तानी पत्रकार मीर ने यह भी माना है कि खान की तरफ से दिया गया बयान इस बात का कबूलनामा है कि ड्रोन की मदद से पाकिस्तान से ड्रग्स की तस्करी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मलिक मोहम्मद खान कसूर क्षेत्र से ही एमपीए हैं और वह पाकिस्तान में सियासत और फौज के बेहद करीब हैं। वह पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और मौजूदा सेना के भी काफी करीब है ।उन्होंने बताया कि वीडियो के सामने आते ही देश में खान की आलोचना का दौर शुरू हो गया है।

