क्या महाराष्ट्र की शिंदे शिवसेना बीजेपी में विलय करेगी ?

0
88


न्यूज़ डेस्क 
महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार की इंट्री के बाद शिंदे गुट की क्या स्थिति होगी इसको लेकर तरह -तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। पहली बात तो यही है कि अजित पवार ने लगभग सभी बड़े मंत्रालयों पर कब्ज़ा कर लिया है। इस खेल में शिंदे गुट के पास रहे कई मंत्रालय भी अब अजित पवार गुट के पास चला गया है। इसको लेकर शिंदे गुट के भीतर बवाल मचा हुआ है। शिंदे के विधायक परेशान हैं और अपने भविष्य को लेकर असमंजस में भी हैं। दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि अगले ही महीने शिंदे गुट के 16 विधायकों को लेकर निर्णय होने वाला है कि उनकी विधायकी बचेगी या जाएगी। इसमें खुद शिंदे भी शामिल हैं। तीसरी बात यह है कि अभी हाल में ही सीएम शिंदे अचानक दिल्ली पहुंचकर पीएम मोदी से मिले हैं। इन तमाम बातों को लेकर अब कहा जा रहा है कि चारो तरफ से घिरे शिंदे को अपनी इज्जत बचने के लिए अब बीजेपी के साथ चले जाने में भलाई दिख रही है।            
   इधर पुणे में मीडिया से बातचीत करते हुए उद्धव गुट के सांसद विनायक राऊत ने कहा, ”आने वाले किसी भी चुनाव में महाविकास अघाड़ी की जीत होगी, जीत तय है।” चाहे वे कितना भी साथ आ जाएं, चाहे कितनी भी आमने-सामने बैठकें कर लें, फिर भी जीत महाविकास अघाड़ी की ही होगी। महा विकास अघाड़ी में उद्धव ठाकरे और शरद पवार के साथ कांग्रेस है , केवल महा विकास अघाड़ी ही जीतेगी। कैबिनेट विस्तार पर टिप्पणी करते हुए सांसद विनायक राउत ने आगे कहा, ‘हम पिछले कई महीनों से कैबिनेट विस्तार के बारे में बात कर रहे हैं। वे (शिंदे गुट) कितना भी प्रयास कर लें, कैबिनेट का विस्तार नहीं होगा। बीजेपी उन्हें मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं करने देगी। इसके विपरीत, एकनाथ शिंदे और उनके समूह का भाजपा से विघटन शुरू हो गया है। 
              विनायक राउत ने आगे कहा, ‘शिंदे गुट के विधायकों ने हमसे संपर्क किया है। लेकिन हमने अभी तक उनके लिए दरवाजे नहीं खोले हैं। उद्धव ठाकरे का रुख है कि वे गद्दारी करके गए हैं, उन्हें गद्दारी करने दो।  बीजेपी ही उन्हें सबक सिखाएगी। उद्धव ठाकरे ने फैसला किया है कि वह वफादार शिवसैनिकों को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।  इसे महाराष्ट्र में तूफानी प्रतिक्रिया मिल रही है।”
        बता दें कि एक साल पहले शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ बगावत कर दी थी।  इसके बाद कुछ दिन पहले अजित पवार के नेतृत्व में एनसीपी के करीब 40 विधायकों ने शिंदे-फडणवीस सरकार को समर्थन दिया है। अजित पवार के सत्ता में आने के बाद शिंदे गुट के विधायक नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।राउत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि शिंदे गुट को तोड़ने की शुरुआत बीजेपी ने कर दी है। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here