बीरेंद्र कुमार झा
पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य के साथ अफेयर को लेकर चर्चा में आए महोबा के होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे पर गाज गिर गई है। जांच के बाद उन्हें सस्पेंड करने की सिफारिश कर दी गई है।
मनीष दुबे पर विभागीय कार्यवाही
यूपी होमगार्ड के डीजी वारविजय कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि डीआईजी होमगार्ड प्रयागराज ने इस मामले में जांच की है। जांच के दौरान उन्होंने जो भौतिक साक्ष्य जुटाए हैं उन साक्ष्यों के आधार पर हमने मनीष दुबे को निलंबित करने और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।
पीसीएस की तैयारी के लिए लिया था कर्ज
गौरतलब है कि ज्योति मौर्य के पति आलोक कुमार ने पिछले दिनों आरोप लगाया था की पीसीएस बनने के बाद उनकी पत्नी और मनीष दुबे के बीच अफेयर शुरू हो गया। इसी वजह से अब उनकी पत्नी उनके साथ रहना नहीं चाहती है ।आलोक ने दोनों पर अपनी हत्या करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया। उसके अनुसार जब उनकी शादी हुई थी तो उसकी पत्नी सिर्फ इंटरमीडिएट तक पढ़ी थी। आलोक ने ना सिर्फ पत्नी को आगे बढ़ानl पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया बल्कि इसके लिए काफी मेहनत कर परिवार भी संभाला।2010 में दोनों की शादी हुई थी। दोनों की दो बच्चियां भी है।आलोक की मानें लो उन्होंने अपनी पत्नी को सिविल सेवा की तैयारी कराने के लिए कर्ज तक लिया था ।
ज्योति के पीसीएस अधिकारी बनाने के बाद शुरू हुआ झमेला
2015 में ज्योति का सेलेक्शन यूपीएससी की परीक्षा में हो गया।वह पीसीएस अधिकारी बन गई।इसके कुछ समय बाद तक तो सब ठीक-ठाक चला,लेकिन फिर ज्योति की जिंदगी में होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे आ गए।आलोक का कहना है उन्होंने एक दिन मनीष को ज्योति के सरकारी आवास पर देखा। दोनों के संबंधों पर आपत्ति जताने पर दोनों भड़क गए। इसके बाद से ही ज्योति और आलोक के संबंध होता चला गया।
ज्योति ने आलोक के खिलाफ प्रयागराज के धूमनगंज थाने में दहेज उत्पीडन का केस भी दर्ज करा रखा है, जिसकी जांच चल रही है। इसके अलावा ज्योति की ओर से प्रयागराज की परिवारिक अदालत में तलाक का मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई थी, जहां आलोक अपना पक्ष रखने पहुंचे थे लेकिन ज्योति नहीं आई। इस बीच मंगलवार कोई खबर आई कि आलोक के आरोपों पर जांच में मनीष दुबे के खिलाफ कई बातें सामने आई है और उन पर गाज गिर सकती है ।बुधवार को आखिरकार मनीष को सस्पेंड कर दिया गया।

