ईडी निदेशक संजय मिश्रा के सेवा विस्तार अवैध होने के बाद चार और नौकरशाह होंगे प्रभावित 

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न्यूज़ डेस्क 


सुप्रीम कोर्ट द्वारा  ईडी निदेशक के सेवा विस्तार को अवैध बताने के बाद अब सरकार पर दूसरे नौकरशाहों को सेवा विस्तार देने में समस्या हो सकती है। वर्तमान समय में केंद्र सरकार ने चार ऐसे नौकरशाहों को सेवा विस्तार दिया हुआ है और आगे भी सेवा विस्तार की उम्मीद लगी हुई है।लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनके रिटायर होने का रास्ता साफ हो गया है।
   बता दें कि केंद्र सरकार ने अपने पसंदीदा चार नौकरशाहों को बार-बार सेवा विस्तार दिया है। इनमें कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, रॉ चीफ सामंत गोयल और ईडी निदेशक संजय मिश्रा शामिल हैं।
                 सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही रॉ चीफ को इस वर्ष सेवा मुक्त कर दिया गया। संजय मिश्रा के कार्यकाल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब वे भी इसी माह रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद दो टॉप नौकरशाह और बचते हैं। वे हैं कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला। अब सवाल उठ रहा है कि क्या ये दोनों नौकरशाह भी इस साल अपनी आखिरी पारी खेल रहे हैं।  
                सूत्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सेवा विस्तार के मामलों में केंद्र सरकार पर दबाव संभव है। ऐसे में इस वर्ष कैबिनेट सचिव और केंद्रीय गृह सचिव के पदों पर नए अफसर देखे जा सकते हैं। झारखंड कैडर के 1982 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राजीव गौबा को 2019 में दो साल के लिए कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे केंद्रीय गृह सचिव थे। 2021 में राजीव गौबा को पहला सेवा विस्तार मिला।
                 फिर अगस्त 2022 में उन्हें दोबारा से एक साल का सेवा विस्तार प्रदान किया गया। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम का मसौदा तैयार करने में कैबिनेट सचिव गौबा का अहम रोल रहा था। उन्हें केंद्रीय सचिवालय, पीएमओ और विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय बनाने में खासी महारत हासिल है। केंद्र सरकार में ज्वाइन करने से पहले उन्होंने, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बोर्ड में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। संभवत: अगले माह देश को नया कैबिनेट सचिव मिल सकता है।
               असम-मेघालय कैडर के 1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अजय कुमार भल्ला को अगस्त 2019 में केंद्रीय गृह सचिव के पद पर नियुक्त किया गया था। भल्ला को नवंबर 2020 में सेवानिवृत्त होना था, लेकिन उससे पहले ही केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2020 में उन्हें एक साल का सेवा विस्तार देकर उनका कार्यकाल 22 अगस्त 2021 तक बढ़ा दिया। गत वर्ष उन्हें तीसरा सेवा विस्तार दिया गया। उनका कार्यकाल अगस्त 2023 तक है। उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विश्वस्त माना जाता है। सूत्र बताते हैं कि अगले माह केंद्र सरकार, किसी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को केंद्रीय गृह सचिव के पद पर नियुक्त कर सकती है।           

        इसी तरह 1984 बैच के पंजाब कैडर के आईपीएस सामंत गोयल को 2019 में ‘रॉ’ चीफ बनाया गया था। दो साल पूरे होने से पहले ही सामंत गोयल का कार्यकाल, एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया। इसके बाद 2022 में कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सामंत गोयल का कार्यकाल 30 जून 2023 तक बढ़ा दिया। रॉ में उन्हें चार साल तक सेवा करने का अवसर मिला है। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विश्वस्त माना जाता है। इस साल उनके स्थान पर भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रवि सिन्हा को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी  रॉ का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। 
             ईडी  निदेशक के खिलाफ फैसला आने के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने मेरे द्वारा दायर की गई याचिका में ईडी निदेशक के दोनों सेवा विस्तार को अवैध व असंवैधानिक करार दिया है। यह सत्य व न्याय की जीत है। यह इस बात का प्रमाण भी है कि राजनीतिक बदले की भावना में जलती मोदी सरकार ने ईडी का दुरुपयोग केवल विरोधियों को प्रताड़ित करने व भाजपा के राजनीतिक हित साधने के लिए किया है।

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