केंद्रीय जांच एजेंसियों के चंगुल में फंसे व्यापारियों के पास है रांची स्मार्ट सिटी की 74% जमीन

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बीरेंद्र कुमार झा

केंद्रीय जांच एजेंसियों के चंगुल में फंसे व्यापारियों के पास रांची स्मार्ट सिटी की 74% जमीन है। इन व्यापारियों ने सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्मार्ट सिटी की जमीन हासिल करने में कामयाबी हासिल कर ली है।इन व्यापारियों को यह जमीन 99 साल की लीज पर दी जाएगी।

विष्णु अग्रवाल की कंपनी को लीज पर मिली है सबसे अधिक जमीन

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक स्मार्ट सिटी की 69.37 एकड़ जमीन कुल 445.13 करोड़ की लागत पर लीज पर देने का फैसला किया जा चुका है। इसमें से 51.01 एकड़ जमीन तीन व्यापारियों की कंपनियों या उनके द्वारा बनाई गई जॉइंट कंपनियों के पास है। विष्णु अग्रवाल की कंपनी को सबसे ज्यादा 25.3 8 एकड़ जमीन लीज पर मिली है।दस्तावेज में जालसाजी कर जमीन की खरीद बिक्री के मामले में विष्णु अग्रवाल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)की जांच के दायरे में हैं उन्होंने चेशायर होम रोड में 1 एकड़ जमीन खरीदी है। इस जमीन की खरीद बिक्री के दस्तावेज में जालसाजी कर की गई है। ईडी इस मामले में उनसे पूछताछ भी कर चूक है।

आकाश अड़किया पर ईडी की नजर

आकाश अड़किया की कंपनी के पास स्मार्ट सिटी की 18. 50 एकड़ जमीन है।आकाश अड़किया पर भी ईडी की नजर है क्योंकि वह इलिका एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से संबंधित है। ईडी ₹75 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले की मनी लॉन्ड्रिंग के केस में इकिका स्टेट के संतोष जैन के घर पर दिसंबर 2021 में छापामार चुकी है। छापामारी के दौरान संतोष जैन के ठिकानों से 3 करोड़ से अधिक जब किए गए थे।

जसमीत सिंह कलसी के यहां छापामारी कर चुका है इनकम टैक्स विभाग

जसमीत सिंह कलसी के पास स्मार्ट सिटी की 7.13 एकड़ जमीन है। जसमीत ने अपनी मनी कलेक्शन और एलिका के साथ मिलकर एक ज्वाइंट वेंचर बनाया है। जसमीत की कंपनियों के खिलाफ पिछले दिनों आयकर विभाग ने देश के विभिन्न राज्यों में छापा मारा था। इसके अलावा वीरेंद्र कुमार के पास 7.37 एकड़ और उदय प्रताप सिंह के पास स्मार्ट सिटी की 5.60 एकड़ जमीन है। गेल और आरएमसी के पास स्मार्ट सिटी की कुल 3.29 एकड़ जमीन है।

 

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