एनसीपी के पोस्टर से गायब हुए अजित पवार ,फिर पार्टी में सबकुछ ठीक होने को लेकर खड़े हुए सवाल

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बीरेंद्र कुमार झा

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में सांसद सुप्रिया सुले को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से लग रहा है कि पार्टी में सब कुछ ठीक ठाक नहीं है।अब अजित पवार का चेहरा एनसीपी के पोस्टर से भी गायब कर दिया गया।दरअसल बुधवार को नई दिल्ली में एनसीपी की एक्जीक्यूटिव बॉडी की मीटिंग हो रही है,जिसके लिए पार्टी का पोस्टर लगाया गया है । इस पोस्टर में शरद पवार का भतीजा और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चेहरा नहीं है।

संगठनात्मक बदलाव के बाद का है यह पोस्टर

एनसीपी के नए पोस्टर में पार्टी अध्यक्ष शरद पवार, कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और एक अन्य कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल का चेहरा शामिल है, लेकिन अजित पवार को इस पोस्टर में जगह नहीं दी गई है।गौरतलब है कि यह पोस्टर एनसीपी में संगठनात्मक बदलावों के बाद आया है, जब अजीत पवार ने अपील की थी कि उन्हें एनसीपी संगठन में एक भूमिका सौंपी जाए।

अजीत पवार और शरद पवार के बीच हो रहा पॉलिटिक्स

अपने भतीजे के अनुरोध पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शरद पवार ने कहा कि ऐसा निर्णय एक व्यक्ति द्वारा नहीं लिया जा सकता है और पार्टी के प्रमुख नेता इस पर निर्णय लेने के लिए बैठेंगे ।उन्होंने कहा कि अजित पवार सहित प्रमुख नेता एक साथ बैठेंगे और सब मिलकर इस पर निर्णय लेंगे। आज पार्टी में हर किसी के पास संगठन में काम करने की भावना है और अजीत पवार ने इसी भावना पर विचार करने के लिए कहा है।

गौरतलब है कि शरद पवार ने हाल ही में अपनी बेटी और लोकसभा से सांसद सुप्रिया सुले को महाराष्ट्र की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था।अन्य राज्यों के लिए प्रफुल्ल पटेल कार्यकारी अध्यक्ष हैं।

पिछले दिनों अजीत पवार ने महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता ‘एलोपी ‘ का पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की थी ।बारामती निर्वाचन क्षेत्र से विधायक अजीत पवार ने बुधवार को कहा था कि वह पार्टी के लिए काम करेंगे और उन्हें दी गई जिम्मेदारियों को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा मैंने पार्टी से मुझे विपक्ष के नेता पद के पद से मुक्त करने के लिए कहा है। मैं पार्टी के लिए काम करना चाहता हूं और पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारी को निभाना चाहता हूं।

बीजेपी से हाथ मिला चुके हैं हैं अजीत पवार

साल 2019 में अजित पवार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर तड़के शपथ ले लिया था।इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बवाल मच गया था। अजीत पवार ने दावा किया था कि उसके पास एनसीपी के काफी विधायकों का समर्थन है जो कि बीजेपी के साथ सरकार बनाने के लिए तैयार है ।हालांकि शरद पवार की सक्रियता के बाद अजित पवार ने अपना स्टैंड बाद में वापस ले लिया था और फिर शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस ने मिलकर ढाई साल तक सरकार चलाई थी।

 

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