अखिलेश अखिल
आगामी विधान सभा चुनाव और लोकसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस पार्टी के भीतर बड़े बदलाव को अंजाम देने जा रही है। खबर है कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 29 जून को राहुल गाँधी से मिलेंगे और वर्किंग कमिटी का अंतिम रूप तैयार करेंगे। इस बैठक में सबसे पहले वर्किंग कमिटी का खाका तैयार होगा और फिर चुनावी राज्यों के साथ ही लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार करने की बात सामने आ रही है। खबर ये भी है कि इस नयी वर्किंग कमिटी में प्रियंका गाँधी को बड़ी जिम्मेदारी देने पर भी फैसला हो सकता है। कांग्रेस 29 तारीख के बाद व्यापक स्तर पर चुनावी तैयारी में जुट जाएगी।
जानकारी के मुताबिक नई कमेटी में 24 की जगह 35 सदस्य हो सकते हैं, साथ ही सभी को अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती है। क्योंकि सोनिया गांधी और राहुल गांधी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष हैं, ऐसे में वो कमेटी के सदस्य रहेंगे। उनके अलावा पार्टी के कई युवा और सीनियर नेता इस नई टीम में नजर आ सकते हैं। रायपुर में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में इस बात पर मुहर लगाई गई थी कि कमेटी के सदस्यों को अलग-अलग वर्ग में बांटा जाएगा। जिसमें अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए 25%, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के लिए 25% और सामान्य वर्ग के लिए 50% सीटें रिजर्व होंगी।
प्रियंका गांधी ने पिछले साल ही उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से ही अटकलें लगनी शुरू हो गईं है कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि प्रियंका ने खरगे को कहा है कि वो हर तरह की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं। 29 जून को होने वाली बैठक में प्रियंका गांधी का रोल तय हो सकता है, उन्हें पार्टी ऐसा पद देने की तैयारी कर रही है, जिससे वो राज्य और केंद्र में अपना योगदान दे सकें।
खबर के मुताबिक कांग्रेस एक नई वर्किंग कमेटी में कई नए महासचिव और राज्य इकाइयों के प्रभारियों की घोषणा की जाएगी। हालांकि नई टीम को लेकर अब तक कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है, मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी के नए सिपाहियों का नाम राहुल गांधी के सामने रख सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक आने वाले चुनावों में प्रियंका गांधी को बड़ी भूमिका में देखा जा सकता है। इसके लिए खरगे ने उनसे संपर्क किया है। बताया गया है कि वर्किंग कमेटी में 50% सदस्य दलित और पिछड़े वर्ग समुदायों से हो सकते हैं। इसके अलावा 50 साल से कम उम्र के नेताओं को तवज्जो दी जाएगी। कन्हैया कुमार को लेकर भी बड़ा फैसला पार्टी कर सकती है।

