न्यूज़ डेस्क
आज तेलंगाना की सत्तारूढ़ पार्टी भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस को कांग्रेस की तरफ से बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव जहां इस बार भी चुनाव में जीत हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं वही विपक्ष में खड़ी कांग्रेस मजबूती के साथ केसीआर की पूरी राजनीति को चुनौती दे रही है। लगातार केसीआर को घेर रही कांग्रेस ने उस समय बीआरएस में कोहराम मचा दिया जब वहां के आधा दर्जन से ज्यादा नेताओं को अपने पाले में ले लिया। जानकारी के मुताबिक़ बीआरएस के पूर्व सांसद ,पीएस रेड्डी ,तेलंगाना के पूर्व मंत्री कृष्णा राव समेत कई नेता कांग्रेस में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गाँधी के सामने दिल्ली में कांग्रेस में शामिल हो गए। अचानक इस खेल से केसीआर को बड़ा झटका लगा है।
जानकारी यह भी मिल रही है कि केसीआर के कई और सहयोगी रहे नेता कांग्रेस में आने के लिए आतुर हैं।
जिस समय दिल्ली में बीआरएस के नेता कांग्रेस में शामिल हो रहे थे उस दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पार्टी के तेलंगाना प्रभारी माणिकराव ठाकरे और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रेवंत रेड्डी मौजूद थे। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने इसके अलावा एआईसीसी कार्यालय में तेलंगाना कांग्रेस के नेताओं से भी मुलाकात की।
पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी यानी पीएस रेड्डी खम्मम लोकसभा सीट से पूर्व सांसद हैं। रेड्डी ने वाईएसआर कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीता था। इसके बाद ये केसीआर की पार्टी में शामिल हो गए थे। कृष्ण राव तेलंगाना की के. चंद्रशेखर राव सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं। इन दोनों नेताओं को कुछ महीने पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में भारत राष्ट्र समिति से निलंबित कर दिया गया था।
इन दोनों नेताओं के अलावा एमएलसी दामोदर रेड्डी, पूर्व एमएलए समेत करीब डेढ़ दर्जन नेता कांग्रेस में शामिल हुए हैं। कर्नाटक में जीत के बाद जिस तरह तेलंगाना में सत्ताधारी बीआरएस में कांग्रेस ने सेंध लगाई है इससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है। तेलंगाना में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं।

