पुरी में भगवान जगन्नाथ की 146वीं रथयात्रा निकाले जाने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शहर में उत्सव का माहौल है। देश और दुनिया के कोने-कोने से लोग आकर मंदिर परिसर में जुट रहे हैं। जगन्नाथ मंदिर से लेकर गुंडिचा मंदिर तक श्रद्धा और उत्साह चरम पर है।

विश्व प्रसिद्ध पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर शहर में सुबह से ही उत्सव का माहौल है। ट्रेन एवं बसों के जरिए भक्तों का समागम जगन्नाथ धाम पहुंच रहा है। भक्तों की सुरक्षा के लिए शहर के अंदर एवं बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

देश-विदेश एवं प्रदेश के अलग-अलग कोनों से लाखों श्रद्धालुओं का पुरी आना जारी है। हर कोई अपनी आंखों से रथ पर विराजमान प्रभु का दर्शन करना चाहता है। भक्ति के साथ जय जगन्नाथ की ध्वनि से पूरा जगन्नाथ धाम गुंजायमान है।

भक्त और पंडा सब मिलकर भगवान जगन्नाथ, भगवान सुदर्शन, बड़े भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा को बड़े ही प्रेम के साथ एक-एक करके मंदिर से बाहर निकालकर उन्हें उनके लिए निर्धारित रथ के मंच पर विराजित करते हैं।

अपराह्न 3 से 4 बजे तक रथ में चारमार लगाने, घोड़ा और सारथी स्थापित किया जाएगा। इसके बाद रथ खींचने की प्रक्रिया शुरू होगी।

