बीरेंद्र कुमार झा
कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार सोमवार शाम थम गया। इस बार के चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सत्ता बरकरार रखने के लिए, तो वहीं कांग्रेस बीजेपी को पटखनी देने के लिए जोर आजमाइश कर रही है।राज्य की तीसरी सबसे बड़ी ताकत जनता दल (सेकुलर ) ने भी मतदाताओं को रिझाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
चुनाव प्रचार में नेताओं ने किए निजी हमले
कर्नाटक में जोर शोर से चले प्रचार अभियान में नेताओं के एक दूसरे पर निजी हमले करने के मामले भी खूब सामने आए। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की टॉप नेता पिछले कुछ दिन से पूरे राज्य में प्रचार अभियान में जुटे हुए थे। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सत्ता में क्रमिक रूप से बदलाव की 38 साल पुरानी परंपरा को तोड़ने और दक्षिण भारत में अपनी गढ़ को बचाने की कोशिश में लगी हुई है।
कांग्रेस ने भी सत्ता में वापसी के लिए लगाया जोर
बीजेपी से सत्ता छीनने के लिए कांग्रेस भी इस बार खूब मेहनत कर रही है।विधान सभा के साथ ही कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए मुख्य विपक्षी दल के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने का भी प्रयास कर रही है।
बीजेपी ने इन मुद्दों पर मांगा वोट
बीजेपी का चुनाव प्रचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्मे, डबल इंजन की सरकार, राष्ट्रीय मुद्दों और कार्यक्रमों या केंद्र एवं राज्य सरकारों की उपलब्धि पर केंद्रित रहा।इसके अलावा कांग्रेस के घोषणा पत्र के आने के बाद जिसमें पीएफआई और बजरंग दल जैसे संगठन पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी, बीजेपी ने बजरंगबली के मुद्दे को भी खूब उछाला। खुद प्रधानमंत्री भी अपनी सभाओं में बजरंग बली का जयकारा लगाते दिखे।
कांग्रेस के लिए राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने चुनाव प्रचार की अगुवाई की
कांग्रेस ने स्थानीय मुद्दों को उठाया है।शुरुआत में इसके चुनाव प्रचार की बागडोर स्थानीय नेताओं के हाथ में थी। हालांकि बाद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे इनके शीर्ष नेता ने भी चुनाव प्रचार किया ।सोनिया गांधी ने भी राज्य में चुनावी जनसभा को संबोधित किया।
कर्नाटक चुनाव में योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी शाशित राज्यों के मुख्यमंत्री भी उतरे
बीजेपी के चुनाव प्रचार में कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जेपी नड्डा और अमित शाह के साथ-साथ बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हेमंत विश्व शर्मा, शिवराज सिंह चौहान ,प्रमोद सावंत तथा केंद्रीय मंत्रियों निर्मला सीतारमण, एस जयशंकर, स्मृति ईरानी और नितिन गडकरी सहित कई अन्य नेताओं ने भी प्रचार किया।
बीजेपी ने 150 सीट जीतने का किया दावा
बीजेपी को 2008 और 2018 के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद राज्य में अपने बलबूते सरकार बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस बार पार्टी स्पष्ट जनादेश की उम्मीद कर रही है। पार्टी ने कम से कम 150 सीट पर जीत हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
खड़गे के लिए कर्नाटक चुनाव की प्रतिष्ठा की लड़ाई
कांग्रेस की तरफ से शुरुआत में चुनाव प्रचार प्रदेश के नेता सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के इर्द-गिर्द केंद्रित था। बाद में खड़गे ने इसे गति प्रदान की और पार्टी के शीर्ष नेताओं और राहुलगांधीऔर प्रियंका गांधी को इसमें शामिल कर कांग्रेस की तैयारियों को मजबूत किया। चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में पहुंचने पर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हुबली में पार्टी की जनसभा को संबोधित किया। यह चुनाव कांग्रेस अध्यक्ष के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई भी है क्योंकि खड़गे कर्नाटक राज्य के कलबुर्गी जिला के रहने वाले हैं। कांग्रेस पार्टी ने भी 150 सीट पर जीत का अपना लक्ष्य रखा है।
जेडीएस भी ठोक रहा ताल
कर्नाटक विधानसभा के चुनाव में जनता दल सेकुलर भी इस बार अपने बलबूते सरकार बनाने का सपना संजोए हुए हैं।इस सपने को साकार करने के लिए इसने प्रारंभ से ही अपनी जीत के दावे शुरू कर दिए थे। ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार कर जनता दल सेकुलर इस चुनाव में किंगमेकर नहीं बल्कि खुद किंग बनना चाहता है।

