बीरेंद्र कुमार झा
उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में एनसीईआरटी की नकली किताबें छापने वाले मास्टरमाइंड सचिन गुप्ता को पुलिस ने मेरठ से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को इसकी लंबे समय से तलाश थी। एसटीएफ ने करीब 2 साल पहले भी आरोपी की ₹45 करोड की नकली किताबें पकड़ी थी,लेकिन तब वह बच निकला था। अब उसके गिरफ्त में आने से उससे होने वाले पूछताछ में और अधिक खुलासा होने की उम्मीद है।गिरफ्तारी के बाद बरेली पुलिस उसे लेकर अपने साथ रवाना हो गई।
नफीस ने गिरफ्तारी के बाद उगले थे आरोपियों के नाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार बरेली की भोजीपुरा पुलिस ने बीते माह छापा मारकर एनसीईआरटी की नकली किताबें पकड़ी थी। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने इस प्रकरण को लेकर रोहटा बांवरीपुर ,मेरठ निवासी नफीस अहमद की गिरफ्तारी की। पुलिस ने इससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने इस मामले से जुड़े सभी माफियाओं के नाम बता दिए। इसके बाद मामले में अवनीश मित्तल,सोनू गुप्ता, पियूष बंसल, सचिन गुप्ता और राहुल का नाम सामने आया जिस पर एफ आई आर दर्ज किया गया। बाद में कोर्ट में इन आरोपियों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किए।
एफ आई आर दर्ज होने के बावजूद धड़ल्ले से चल रहा था काम
इस प्रकरण में एफ आई आर दर्ज होने के बावजूद पुलिस को लेकर आरोपियों में कोई खौफ नहीं था। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उन लोगों ने इस काम को छोड़ा नहीं, बल्कि बदस्तूर जारी रखा,जबकि आरोपियों को यह अच्छी तरह से पता था कि बरेली पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही है। इस मामले में पुलिस ने संजीव गुप्ता समेत आठ लोगों पर वर्ष 2020 में भी आईपीसी की कई धाराओं सहित कॉपीराइट एक्ट में एफ आई आर दर्ज की थी।इस मामले में 17 जनवरी 2021 में चार्ज सीट लग चुकी है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
बरेली की भोजीपुरा पुलिस ने की गिरफ्तारी
इस केस को लेकर बरेली की भोजीपुरा थाने की पुलिस टीम ने टिपीनगर थाना पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इसके बाद मोहकमपुर जाकर सचिन गुप्ता को गिरफ्तारी कर लिया गया।बरेली पुलिस उसे अपने साथ लेकर रवाना हो गई। बताया जा रहा है कि मेरठ में जिस क्षेत्र में सचिन की गिरफ्तारी की गई वहां वह नकली किताबें छपवा रहा था।
