Homeटेक्नोलॉजीLPG की जगह ले सकती है बायोगैस? जानें घर में लगवाने, खर्च...

LPG की जगह ले सकती है बायोगैस? जानें घर में लगवाने, खर्च और इस्तेमाल का तरीका

Published on

 

LPG गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरों के बीच लोग LPG गैस के विकल्पों की तलाश में हैं। ऐसे में लोगों का ध्यान बायोगैस की ओर भी गया है। आजकल घरों की छत और यहां तक की बालकनी में भी मिनी बायोगैस प्लांट लगवाया जा सकता है। घर के कचरे से ही चलने वाला बायोगैस प्लांट LPG के खर्च और निर्भरता को खत्म कर सकता है। बायोगैस मुख्य तौर पर मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड होती है और LPG की तरह ही इस्तेमाल की जा सकती है। यह उन लोगों के लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकती है, जो ना सिर्फ LPG गैस पर निर्भर नहीं रहना चाहते बल्कि घर के कचरे का भी अच्छे से निपटारा करना चाहते हैं।

एक 3-4 सदस्यों वाले परिवार के लिए 1 घन मीटर के पोर्टेबल बायोगैस प्लांट की कीमत लगभग 15,000 से 25,000 के बीच आती है। अगर आप इसे जमीन से पक्का बनवाएं, तो लागत थोड़ी कम हो सकती है। हालांकि रख-रखाव के लिए पोर्टेबल बायोगैस प्लांट बेस्ट माने जाते हैं।

बायोगैस का घर में इस्तेमाल करना उतना ही आसान है, जितना कि LPG गैस को इस्तेमाल करना। इसके लिए आपको सिर्फ हर दिन घर का गीला कचरा जैसे फलों के छिलके, बचा हुआ खाना, खराब सब्जियां आदि या गोबर को पानी में मिलाकर इनलेट में डालना होता है। यह कचरा बायोगैस प्लांट में जाकर सड़ता है और इससे गैस बनती है। यह पाइप के जरिए सीधे आपके किचन के बायोगैस चूल्हे तक पहुंचती है।

बड़ी बात है कि बायोगैस प्लांट का रख-रखाव भी मुश्किल नहीं है। इसके लिए आपको सिर्फ इस बात का ध्यान रखना होता है कि इसमें प्लास्टिक, कांच या रसायनों वाली चीजें न डालें। इतनी ही नहीं गैस बनने के बाद इसमें बचने वाला लिक्विड अवशेष को आप अपने पौधों के लिए खाद की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

घर में बायोगैस प्लांट लगवाना एक अच्छा निवेश है लेकिन इसे लगवाने से पहले कुछ बातों का ध्यान खास-तौर पर रखना चाहिए।

सबसे पहले इसके लिए आपके पास सही जगह होनी चाहिए। दरअसल बायोगैस बनाने वाले बैक्टीरिया को गर्मी की जरूरत होती है। इसलिए प्लांट के लिए एक ऐसी जगह चुनें जहां दिन भर अच्छी धूप आती हो।
बायोगैस प्लांट को रसोई के पास होना चाहिए। इससे प्रेशर तेज और लीकेज का खतरा नहीं रहता। वहीं अगर पाइपलाइन ज्यादा बड़ी हो, तो गैस का प्रेशर कम हो सकता है।

अगर आपका परिवार छोटा है और आपके घर से उनती मात्रा में कचरा नहीं निकलता कि बायोगैस प्लांट को इंधन बनाने के लिए उपलब्ध कराया जा सके, तो हो सकता है कि यह टेक्नोलॉजी आपके लिए काम न करें।
बायोगैस प्लांट लगवा रहे हैं, तो पाइपलाइन में प्रेशर गेज जरूर लगवाएं ताकि आपको पता रहे कि गैस कितनी बन रही है।
बायोगैस प्लांट से निकलने वाले तरल अवशेष को रखने के लिए बंदोबस्त जरूर करें। उस तरल को आप अपने पौधों में खाद के रूप में इस्तेमाल कर पाएंगे।

Latest articles

असम को लेकर भारत को विखंडित करने का कुटिल प्रयास

असम में वर्ष 2026 में विधानसभा का चुनाव प्रस्तावित है। चुनाव आयोग ने असम...

ईरान का ट्रंप को खुला चैलेंज, 5 साल तक जंग लड़ेंगे; झुकेंगे नहीं, खून बहाने को तैयार

भारत में ईरान के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने डोनाल्ड ट्रंप के...

सिर्फ एक कॉमन वायरस की वजह से होता है पेट का कैंसर, जानें इससे बचने के तरीके

पेट में रहने वाला एक सामान्य बैक्टीरिया हेलिकोबैक्टर पाइलोरी दुनिया भर में होने वाले...

घुसपैठियों को जमीन देकर देश को खतरे में डाला’प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस पर हमला

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के कोकराझार जिले में...

More like this

असम को लेकर भारत को विखंडित करने का कुटिल प्रयास

असम में वर्ष 2026 में विधानसभा का चुनाव प्रस्तावित है। चुनाव आयोग ने असम...

ईरान का ट्रंप को खुला चैलेंज, 5 साल तक जंग लड़ेंगे; झुकेंगे नहीं, खून बहाने को तैयार

भारत में ईरान के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने डोनाल्ड ट्रंप के...

सिर्फ एक कॉमन वायरस की वजह से होता है पेट का कैंसर, जानें इससे बचने के तरीके

पेट में रहने वाला एक सामान्य बैक्टीरिया हेलिकोबैक्टर पाइलोरी दुनिया भर में होने वाले...