दूरसंचार विभाग का नया नियम अगले साल फरवरी से लागू होने जा रहा है। इसके तहत सभी प्रमुख मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को सिम बाइंडिंग शुरू करनी होगी। आसान भाषा में कहें तो आपके स्मार्टफोन में वॉट्सऐप, टेलिग्राम, सिग्नल जैसे ऐप्स तभी काम करेंगे, जब फोन में सिम होगा। सिम निकालने पर वॉट्सऐप चलना बंद हो जाएगा और कंप्यूटर पर वॉट्सऐप चलाने वालों का अकाउंट हर 6 घंटे में लॉग-आउट होगा। एक सर्वे में बताया गया है कि सरकारी नियम लोगों को पसंद नहीं आया है। कम्युनिटी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, लोकल सर्कल्स (LocalCircles) के 10 दिसंबर के सर्वे के अनुसार, 10 में से 5 लोगों ने कहा है कि वो इस नियम को सपोर्ट नहीं करते, क्योंकि इससे परेशानी अधिक होगी।
बाइंडिंग नियम कहता है कि वॉट्सऐप जैसे इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को ऐसे लोगों को ऐप इस्तेमाल करने से रोकना होगा, जो बिना सिम लॉग-इन करना चाहते हैं। जो लोग कंप्यूटर या लैपटॉप पर वॉट्सऐप इस्तेमाल करते हैं, उन्हें हर 6 घंटे में लॉग-इन करना पड़े। सरकार ऐसा करके ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम कसना चाहती है।
लोकल सर्कल्स ने इस मामले पर लोगों की राय जानी। लोगों से पूछा गया कि वो नए रूल को कैसे देखते हैं और क्या इससे कोई नुकसान होगा। सर्वे में 10 में से 4 लोगों ने कहा कि वो कई डिवाइसेज में मैसेजिंग और कॉलिंग ऐप्स को इस्तेमाल करते हैं और उसमें सिम लगा नहीं होता। करीब 39 फीसदी ने बताया कि वो अपने मोबाइल में बिना सिम कार्ड के मैसेजिंग और कॉलिंग ऐप्स को यूज करते हैं।
लोकल सर्कल्स के सर्वे में 3 में से 2 लोगों ने यह माना कि सिम-बाइंडिंग से लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी और वॉट्सऐप जैसे ऐप्स का गलत इस्तेमाल कम होगा। हालांकि जो लोग 1 से ज्यादा डिवाइस में ऐसे ऐप्स चलाते हैं, उन्हें परेशानी होना तय है। सर्वे में यह सुझाव भी दिया गया है कि सिम बाइंडिंग को ऑप्शनल आधार पर लागू किया जा सकता है। यानी सिर्फ वो ही लोग इसे अपनाएं जो ज्यादा सिक्योरिटी चाहते हैं।
लोकल सर्कल्स ने भारत के 332 जिलों में सर्वे किया। इसमें 1 लाख 15 हजार से ज्यादा लोग शामिल थे। सर्वे में शामिल करीब 32 फीसदी लोग टियर-2 शहरों से थे। 23 फीसदी लोग छोटे और ग्रामीण इलाकों से थे। सर्वे में 5 फीसदी लोग टियर-1 शहरों से शामिल हुए। करीब 27 हजार लोगों में से 39 फीसदी ने कहा कि वो नियमित रूप से सिम कार्ड के बिना अपने डिवाइस पर वॉट्सऐप या अन्य मैसेजिंग/कॉलिंग ऐप को इस्तेमाल करते हैं। 30 फीसदी ने कहा कि सिम बाइंडिंग की वजह से वो प्रभावित होंगे। लैपटॉप, डेस्कटॉप चलाने में दिक्कत आएगी। सर्वे में शामिल 36 फीसदी ने माना कि सिम बाइंडिंग से यूजर्स की सुरक्षा बढ़ेगी। सर्वे की खास बात यह रही कि 21 फीसदी यूजर्स ने कहा कि वो अपने सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप के साथ सिम को कनेक्ट नहीं करेंगे।
