NPCI ने पाया कि पी2पी‘ कलेक्शन’ सुविधा का दुरुपयोग कर कई धोखेबाज़ लोग मासूम यूजर्स को ठग रहे हैं। इस सुविधा के जरिए कोई भी व्यक्ति दूसरे को पेमेंट रिक्वेस्ट भेज सकता था, जिससे कई बार लोग गलती से पैसे ट्रांसफर कर देते थे।
1 अक्टूबर 2025 के बाद कोई भी यूपीआईऐप या बैंक पी2पी कलेक्शन ट्रांजैक्शन को प्रॉसेस नहीं करेगा।अब सभी यूपीआई ट्रांजैक्शन केवल पेमेंटकर्ता द्वारा शुरू किये जाएंगे।
इसके लिए यूजर को QR कोड स्कैन करना होगा या मैन्युअलीUPIID डालनी होगी।
NTT डेटा पेमेंट सर्विसेज इंडिया के CFO राहुल जैन ने कहा कि यह बदलाव यूपीआई को और अधिक सुरक्षित बनाएगा।अब यूजर के पास अपने ट्रांजैक्शन पर पूरा नियंत्रण होगा।
वर्तमान सीमा और धोखाधड़ी
वर्तमान में प्रति ट्रांजैक्शन ₹2,000 की सीमा है और एक दिन में अधिकतम 50 रिक्वेस्ट भेजी जा सकती हैं। लेकिन इसके बावजूद धोखाधड़ी के मामले थम नहीं रहे हैं . NPCI का यह कदम यूजर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
