स्नेहा सिंह
शाहाबाद की ओलंपियन बेटी रानी रामपाल के नाम से उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हॉकी स्टेडियम बनाया गया है। इसका नाम रानी गर्ल्स हॉकी टर्फ रखा गया है। रानी ने ट्वीट करके इसकी पुष्टि की। उन्होंने स्टेडियम की तस्वीरें साझा करते हुए ट्वीट किया कि मेरी खुशी और आभार व्यक्त करने के लिए शब्द बहुत कम लगते हैं। एमसीएफ रायबरेली ने हॉकी में मेरे योगदान का सम्मान करने के लिए हॉकी स्टेडियम का नाम बदलकर रानी गल्र्स हॉकी टर्फ कर दिया है।
Words seem too less to express my happiness and gratitude as I share that the MCF Raebareli has renamed the hockey stadium to “Rani’s Girls Hockey Turf “to honour my contribution to hockey. pic.twitter.com/sSt59EwDJA
— Rani Rampal (@imranirampal) March 20, 2023
रानी रामपाल पहली ऐसी महिला खिलाड़ी हैं जिनके नाम पर किसी खेल स्टेडियम का नाम रखा गया है। बता दें कि एमसीएफ रायबरेली स्टेडियम अब रानीज़ गर्ल्स हॉकी टर्फ के नाम से जाना जायेगा।

रानी रामपाल का सफर
रानी ने 2008 में भारत के लिये पदार्पण किया था। भारत ने उनकी कप्तानी में टोक्यो ओलंपिक 2020 में चौथा स्थान हासिल किया था, हालांकि उसके बाद वह चोट के कारण विश्व कप और राष्ट्रमंडल खेल 2022 में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। उनकी कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफइनल तक पहुंची थी। रानी आमतौर पर सेंटर फॉरवर्ड पर खेलती हैं। रानी रामपाल अब तक 258 अंतराष्ट्रीय मैच खेल चुकी है। रानी को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और पद्मा श्री से भी नवाजा गया है।
रानी ने महिला हॉकी टीम को समर्पित किया स्टेडियम
It is a proud and emotional moment for me as I become the first woman hockey player to have a stadium to my name. I dedicate this to the Indian women’s hockey team and I hope this inspires the next generation of women hockey players! https://t.co/CFL2ePK4sb
— Rani Rampal (@imranirampal) March 20, 2023
रानी ने स्टेडियम की तस्वीरें साझा करते हुए ट्वीट किया कि मेरी खुशी और आभार व्यक्त करने के लिए शब्द बहुत कम लगते हैं। एमसीएफ रायबरेली ने हॉकी में मेरे योगदान का सम्मान करने के लिए हॉकी स्टेडियम का नाम बदलकर रानी गर्ल्स हॉकी टर्फ कर दिया है। रानी ने एमसीएफ के अन्य अधिकारियों के साथ स्टेडियम का उद्घाटन किया और खिलाडियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए गर्व और भावनात्मक क्षण है, क्योंकि मैं अपने नाम पर स्टेडियम पाने वाली पहली महिला हॉकी खिलाड़ी बन गई हूं। मैं इसे भारतीय महिला हॉकी टीम को समर्पित करती हूं और मुझे उम्मीद है कि यह महिला हॉकी खिलाडियों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करेगा।

