नई दिल्ली: अगर आप भी करवाचौथ के व्रत को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। इस साल चतुर्थी तिथि 2 दिन 13 और 14 अक्टूबर को पड़ रही है। इस कारण करवा चौथ का व्रत रखने को लेकर लोगों में खासी संशय की स्थिति है कि करवा चौथ का व्रत कब रखा जाएगा? या करवा चौथ व्रत रखने की सही तारीख क्या है?
उदय तिथि के हिसाब से 13 अक्टूबर बेहतर
करवाचौथ को लेकर असमंजस खत्म हो गया है। अब सुहागिनें 13 अक्टूबर को ही व्रत रखेंगी। भले ही चतुर्थी 13 अक्टूबर को तड़के शुरू हो जाएगी, लेकिन उदय तिथि के हिसाब से 13 अक्टूबर को ही करवाचौथ व्रत का बेहतर समय है। ऐसे में 13 अक्टूबर को तड़के सरगी खाने के साथ शुरू होने वाला करवाचौथ का व्रत इसी दिन उदय होते चंद्र को अर्घ्य देने के साथ संपन्न किया जाएगा।
13 अक्टूबर की रात 1 बजकर 59 मिनट से शुरू होगी चतुर्थी तिथि
सनातन पंचांग के अनुसार इस साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 13 अक्टूबर की रात 1 बजकर 59 मिनट से शुरू होगी और 14 अक्टूबर की तड़के सुबह 3 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदयातिथि के नियमानुसार करवा चौथ का व्रत 13 अक्टूबर को ही रखा जाना चाहिए। इसके अलावा इस वर्ष चतुर्थी तिथि में चंद्रोदयव्यापिनी मुहूर्त 13 अक्टूबर 2022 को ही बन रहा है।
करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त
करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त 13 अक्टूबर की शाम 5 बजकर 54 मिनट से शाम 7 बजकर 9 मिनट तक करीब 1 घण्टा 15 मिनट तक रहेगा। साथ ही करवा चौथ व्रत का समय सुबह 6 बजकर 20 मिनट से रात 8 बजकर 9 मिनट तक करीब 13 घंटे 49 मिनट का रहेगा। साथ ही करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय 8 बजकर 9 मिनट का है।
अखंड सौभाग्य का प्रतीक है करवा चौथ
अखंड सौभाग्य पाने के लिए सुहागिनें करवा चौथ का व्रत रखती हैं। महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और देवी पार्वती से पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं लाल जोड़ा पहनकर सोलह श्रृंगार करती हैं, हाथों में मेहंदी सजाती हैं। रात में चंद्र देव को अर्ध्य देने के बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलती हैं।

