YSRCP Office Demolished: YSRCP के ऑफिस पर चला बुलडोजर, जगन मोहन का आरोप- बदला ले रहे चंद्रबाबू, टीडीपी बोली- ‘अवैध थी बिल्डिंग

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न्यूज डेस्क
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्‌डी की पार्टी का निर्माणाधीन ऑफिस राज्य सरकार ने बुलडोजर से गिरा दिया है। शनिवार सुबह 5:30 बजे ये कार्रवाई आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने की। गुंटूर के तड़ेपल्ली में ये दफ़्तर 9,365 वर्ग फीट में बनाया जा रहा था। इस कार्रवाई की टाइमिंग की चर्चा हो रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी का कहना है कि चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी सरकार प्रतिशोध की राजनीति कर रही है। इस पर टीडीपी का कहना है कि यह अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन पर बनाया जा रहा था। इसलिए इसे ध्वस्त किया गया। जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए यह तोड़फोड़ हुई है।

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट कर बताया कि कार्यालय को ध्वस्त कर प्रतिशोध की राजनीति को अगले स्तर पर ले जाया जा रहा है। उन्होंने टीडीपी नेता को एक तानाशाह बताते हुए कहा कि तानाशाह की तरह उन्होंने वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय की मशीनों से खुदाई कर बुल्डोजर से ध्वस्त करवा दिया। उन्होंने बताया कि कार्यालय लगभग पूरा बन चुका था।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि टीडीपी, बीजेपी और जनसेना वाली एनडीए सरकार के तहत दक्षिणी राज्य में कानून और न्याय पूरी तरह से गायब हो गया है। उन्होंने कहा कि यह विध्वंस दर्शाता है कि अगले पांच वर्षों में नायडू का शासन कैसा होगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी इस तरह की प्रतिशोध की राजनीति से डरेगी नहीं। उन्होंने वादा किया कि वे लड़ेंगे।

वाईएसआरसीपी ने अनुसार सीआडीए की कार्रवाई अदालत की अवमानना के समान है। उन्होंने कहा कि अदालत ने किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण गतिविधि पर रोक लगाने का आदेश दिया था। जिसकी जानकारी पार्टी के वकील ने सीआरडीए आयुक्त को दी थी। बावजूद प्राधिकरण ने आगे बढ़कर ढांचे को ध्वस्त किया।

वहीं इन आरोपों के बाद टीडीपी की ओर से एक विज्ञप्ति जारी की गई है। इसमें बताया गया कि राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (सीआरडीए) और मंगलगिरी ताड़ेपल्ली नगर निगम (एमटीएमसी) के आयुक्तों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि विपक्षी पार्टी का कार्यालय सिंचाई विभाग की दो एकड़ जमीन पर अवैध रूप से बनाया जा रहा था। विज्ञप्ति में बताया गया “इसके बाद, एमटीएमसी अधिकारियों की देखरेख में वाईएसआरसीपी नेताओं के इन अवैध निर्माणों को गिराने का काम शुरू किया गया है।” सत्तारूढ़ पार्टी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए ताड़ेपल्ली में सर्वेक्षण संख्या 202/ए1 में उस भूखंड को आवंटित किया था। विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है, “जगन मोहन रेड्डी ने इन दो एकड़ में पार्टी कार्यालय बनाकर पड़ोसी 15 एकड़ पर कब्जा करने की योजना तैयार की है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि सिंचाई विभाग ने इन दो एकड़ को वाईएसआरसीपी को सौंपने की मंजूरी नहीं दी है।

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