आमतौर पर आंखों को दिल का आईना कहा जाता है, लेकिन सच यह है कि आंखें आपकी किडनी की सेहत के बारे में भी बहुत कुछ बता सकती हैं।किडनी और आंखों की बनावट व काम करने की क्षमताओं में कई समानताएं होती हैं, इसलिए जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो उसके संकेत कई बार सबसे पहले आंखों में दिखने लगते ।
अधिकतर लोग किडनी की बीमारी को पैरों में सूजन या लगातार थकान से जोड़कर देखते हैं, लेकिन कुछ अहम लक्षण ऐसे भी होते हैं जो आंखों के जरिए सामने आते हैं। नई दिल्ली स्थित विजन आई केयर सेंटर के कंसल्टेंट ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट डॉ. प्रणव कृष्ण पटेल के मुताबिक, अगर इन संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है.
सुबह उठते ही आंखों के आसपास सूजन दिखना किडनी की गड़बड़ी का शुरुआती संकेत हो सकता है।जब किडनी प्रोटीन को ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती, तो शरीर में फ्लूड जमा होने लगता है, जिसका असर सबसे पहले आंखों के नाजुक हिस्से पर दिखता है। ऐसे में नमक का सेवन कम करना, प्रोटीन लेवल पर नजर रखना और किडनी फंक्शन टेस्ट कराना जरूरी है।
किडनी की बीमारी से जुड़ा हाई ब्लड प्रेशर या बढ़ा हुआ ब्लड शुगर आंखों की रेटिना की महीन नसों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे नजर धुंधली होने लगती है। यह बदलाव कई बार धीरे-धीरे होता है, इसलिए नियमित आई चेकअप और बीपी व शुगर को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है।
जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं। इसका असर आंसुओं के निर्माण पर भी पड़ सकता है, जिससे आंखों में सूखापन, जलन या रेत जैसी चुभन महसूस होती है। पर्याप्त पानी पीना, लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल और लक्षण बने रहने पर डॉक्टर को बताना जरूरी है, खासकर अगर साथ में थकान या सूजन भी हो।
आंखों में जरूरत से ज्यादा लाल नसें दिखना या आंखों का लगातार लाल रहना हाई ब्लड प्रेशर या शरीर में टॉक्सिन जमा होने का संकेत हो सकता है, जो अक्सर किडनी की गंभीर अवस्था से जुड़ा होता है।ऐसे में शराब, कैफीन और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना और अन्य लक्षणों के साथ यह समस्या हो तो मेडिकल जांच कराना जरूरी है।
अगर किडनी फेल होने के कारण शरीर में यूरिया जैसे जहरीले तत्व बढ़ जाएं या लिवर पर असर पड़ने लगे, तो आंखों का सफेद हिस्सा पीला दिख सकता है। यह स्थिति मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है और तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी होता है।
आंखें सिर्फ देखने का जरिया नहीं हैं, बल्कि आपकी किडनी की सेहत का भी संकेत देती हैं, इन बदलावों को नजरअंदाज न करें, क्योंकि समय पर पहचान और इलाज आपकी जान बचा सकता है।
