- बीरेंद्र कुमार झा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री वाली अपनी सीट पर कब तक काबिज रहेंगे, कहा नहीं जा सकता, क्योंकि बार-बार इस सीट को तेजस्वी को देने की बात उठते रहती है।ऐसे में नीतीश कुमार तरह तरह की बातें कर प्रधानमंत्री वाले सीट पर नजर बनाए हुए हैं।इस क्रम में नीतीश कुमार ने पटना में सीपीआई- माले के राष्ट्रीय कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कहा कि 2024 में बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए व्यापक विपक्षी एकता की जरूरत है।हम सब एकजुट हुए तो बीजेपी 100 सीट के नीचे निपट जाएगी ,लेकिन इसका फैसला कांग्रेस को आगे बढ़कर करना होगा राहुल गांधी विपक्षी एकजुटता में देरी ना करें। उन्होंने कहा कि हम तो इंतजार ही कर रहे हैं। हम तो दिल्ली जाकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिले भी थे। शनिवार को सीपीआई- माले के अधिवेशन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य भी शामिल हुए थे।
कौन कहेगा पहले आई लव यू
पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में माले के 11 वां राष्ट्रीय महाधिवेशन को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि कांग्रेस को ही यह निर्णय लेना होगा कि 2024 में विपक्ष की क्या रणनीति होनी चाहिए और विपक्षी एकता को किस तरह से मजबूत किया जाना चाहिए ।यदि कांग्रेस इस बात पर तैयार हो जाए तो 2024 में बीजेपी 100 सीटों के अंदर सिमट कर रह जाएगी। नीतीश कुमार के इस वक्तव्य पर सलमान खुर्शीद ने भी खूब चुटकी ली। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जी आप जो सोचते हैं ,कांग्रेस भी वही सोचती है, बस बात इतनी सी है पहले आई लव यू कौन कहेगा!
हम तो केवल बदलाव चाहते हैं
राष्ट्रीय महाधिवेशन को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि विपक्ष एकजुट होकर काम कर रहे हैं।जब एनडीए से अलग हुए सभी विपक्षी दल के नेताओं ने स्वागत किया। 2024 में सभी विपक्षी दल एकजुट होकर चुनाव लडेंगे ,तभी बीजेपी का सफाया होगा।आज आजादी की लड़ाई का इतिहास बदलने का प्रयास हो रहा है ,सभी धर्म और जाति के लोगों को लेकर साथ चलना होगा। नीतीश कुमार ने कहा कि नेतृत्व को लेकर उनकी कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है ।उन्होंने कहा कि हम तो केवल बदलाव चाहते हैं जो शब करें वही होगा।
चुनाव के बाद तय हो पीएम का चेहरा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद को लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। किसी एक चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल बस इस उद्देश्य से चुनाव लड़े कि बीजेपी को हराना है ,और जब बीजेपी हार जाएगी और विपक्षी एकता जीत जाएगी ,तो मिल बैठकर प्रधानमंत्री के चेहरे का फैसला कर लिया जाएगा ।वैसे कांग्रेस ने इस बात को लेकर अपनी सहमति नहीं दी है। नीतीश कुमार बार-बार कह रहे हैं कि कांग्रेस को फैसला लेना है।इसके द्वारा जल्दी फ़ैसला के लेने से विपक्ष के लिए आगे का राह आसान हो जाएगा। नीतीश कुमार के इस बात पर कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि हम आपकी बात को आलाकमान तक पहुंचा देंगे, मैं एक वकील हूं आपकी वकालत कर दूंगा।

