कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र आखिर क्यों इस्तीफा देने जा रहे हैं ?

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न्यूज़ डेस्क 
देश में राजनीति खूब हो रही है। एक तरफ मोदी की सरकार बनने की तैयारी है तो उधर कर्नाटक की राजनीति भी उफान पर है। कर्नाटक सरकार में आदिवासी कल्याण मंत्री बी. नागेंद्र जनजातीय बोर्ड के एक कर्मचारी की आत्महत्या को लेकर विवाद के घेरे में हैं।

इस बीच मंत्री ने घोषणा की है कि वह मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप देंगे।
मंत्री नागेंद्र पर चुनाव प्रचार के लिए आदिवासी कल्याण बोर्ड के खाते से 187 करोड़ रुपये तेलंगाना की एक बैंक के फर्जी खातों में ट्रांसफर करने में सहायक होने का भी आरोप है।

नागेंद्र ने विधानसभा में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मैं निर्दोष हूं। मैं किसी के दवाब में नहीं बल्कि अपनी मर्जी से इस्तीफा दे रहा हूं। 10 दिनों से मेरे खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं। लोग चिंतित हैं।”

उन्होंने कहा, “विपक्ष भी पिछले 10 दिनों से आरोप लगा रहा है। मैं खुद ही अपना इस्तीफा दे रहा हूं। मैं मुख्यमंत्री से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दूंगा।”

मंत्री ने दोहराया, “मैं मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को अपना इस्तीफा सौंप दूंगा। मैं डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को भी अपना इस्तीफा सौंप दूंगा। मैं किसी को शर्मिंदा नहीं करने के लिए इस्तीफा दे रहा हूं। इस मामले में मेरा नाम कहीं भी नहीं है। मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज पर इस्तीफा दे रहा हूं।”

मंत्री नागेंद्र ने कहा, “वह इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो। यदि मैं मंत्री पद पर बना रहा तो इससे जांच प्रभावित होगी। एक बार जब मैं निर्दोष साबित हो जाऊंगा तो मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम मुझे फिर से मौका देंगे।”

बता दें कि निगम में बड़ा घोटाला चंद्रशेखरन (50) की आत्महत्या के बाद सामने आया। वह आदिवासी कल्याण बोर्ड में लेखा अधीक्षक के रूप में कार्यरत थे।

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