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आखिर चीन ने क्यों कहा है कि वह इंडिया के साथ मिलकर काम करने को तैयार है ?

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न्यूज़ डेस्क 
आज से मात्र दो दिनों के बाद दिल्ली की सुरक्षा काफी बढ़ जाएगी। सात तारीख को अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन दिल्ली पहुंच  रहे हैं और इसके साथ  ही पूरी दिल्ली को सुरक्षा के घेरे में ले लिया गया है। तीन दिनों तक दिल्ली घरों में कैद हो जाएगी ,और यह सब जी 20 की बैठक से हो रहा है। दिल्ली इस बार जी 20 का मेजबानी कर रहा है।  देश दिल्ली पहुँच रहे हैं। यह बैठक 9 और दस सितम्बर को है।    
  लेकिन इसी बीच चीन ने भारत के साथ काम करते रहने पर सहमति जताई है। हालांकि चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग खुद इस बैठक में नहीं आ रहे हैं। चीन की तरफ से इस बैठक में चीनी प्रधानमंत्री ली पहुँच रहे हैं।  चीन ने कहा कि उसने इस साल के जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी में भारत का समर्थन किया है। वह इस सप्ताह नई दिल्ली में होने वाले हाई-प्रोफाइल वैश्विक सम्मेलन की सफलता के लिए सभी पक्षों के साथ काम करने को तैयार है। हालांकि, शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की जगह प्रधानमंत्री ली क्विंग चीन का प्रतिनिधित्व करेंगे।
                  मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि चीन हमेशा जी 20 समूह को अहमियत देता है। वह प्रासंगिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा भी लेता है। उन्होंने 9-10 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले शिखर सम्मेलन पर कहा कि हम इस साल के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने में भारत का समर्थन करते हैं और जी 20 शिखर सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सभी पक्षों के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।
                उन्होंने कहा कि जी 20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है और चीन-भारत संबंध कुल मिलाकर स्थिर है। हमारे दोनों पक्षों ने विभिन्न स्तरों पर बातचीत और संपर्क बनाए रखा है। इससे दोनों देशों और दोनों देशों के लोगों के साझा हितों की पूर्ति होती है। हम द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाने और आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।
                  बता दें कि जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में झड़प के बाद से भारत और चीन के बीच संबंधों में तनाव है। पूर्वी लद्दाख में कुछ बिंदुओं पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच तीन साल से अधिक समय से टकराव है। मामले को हल करने के लिए दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य वार्ता कर रहे हैं।
                 इस बीच बताया जा रहा है कि चीन के प्रधानमंत्री ली पांच से आठ सितंबर तक इंडोनेशिया में आसियान शिखर सम्मेलन में चीन का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह जकार्ता में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद भारत की यात्रा करेंगे।

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