बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला और कहा कि बांग्लादेश के लोग भी ममता बनर्जी पर भरोसा करते हैं क्योंकि वह हमेशा बांग्लादेश से भारत में गैर-कानूनी तरीके से आए लोगों का समर्थ करती हैं। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला दरअसल टीएमसी सांसद सौगत रॉय के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं, लेकिन बांग्लादेश के लोग भी उन पर विश्वास करते हैं।
पूनावाला ने कहा कि वह तो उन्होंने बिल्कुल सही बोला है। ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की चीफ मिनिस्टर हैं, पर बांग्लादेश के लोग उनको ट्रस्ट करते हैं।क्यों? क्योंकि जब वह साइड लेती हैं तो वह बांग्लादेशी घुसपैठियों का साइड लेती हैं, बंगाली का साइड नहीं लेती हैं। वह जब साइड लेती हैं तो घुसपैठियों का साइड लेती हैं, देश के नागरिकों का साइड नहीं लेती हैं।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि हमेशा उनका रुख होता है कि कैसे मैं रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को बचाऊं… ना कि भारतीयों को। वह भारतीय को नहीं, वह बाहरी को चाहती हैं। इसीलिए उनका हमेशा से जो यह स्टैंड है, बांग्लादेशी प्रेम है… वह नज़र आता है और वोट बैंक के नाम पर उन्होंने सीएए (CAA) का विरोध किया जिससे कि प्रताड़ित हिंदुओं को उनका अधिकार ना मिले।वह गाजा के लिए तो रोते हैं टीएमसी (TMC) वाले, पर ढाका में जो हिंदू और एससी (SC) समुदाय के लोगों के साथ अत्याचार होता है, उस पर यह लोग कुछ नहीं बोलते, जस्टिफाई (justify) करते हैं कि हां वहां तो हिंसा (violence) होगी।
पूनावाल ने आगे कहा कि बांग्लादेशी उनको ज़्यादा मानते हैं, उनको ट्रस्ट करते हैं। यह बात बिल्कुल सही है। एक समय था ममता बनर्जी अवैध बांग्लादेशियों के ख़िलाफ़ थीं, पर अब वोट बैंक के लिए वह अवैध बांग्लादेशी को भारत में बसाना चाहती हैं। तो बंगाल के लोगों का उन पर कोई भरोसा नहीं है।बांग्लादेशियों का ही उन पर भरोसा है और यह उनकी वोट बैंक पॉलिटिक्स का नतीजा है। ममता बनर्जी को बताना चाहिए कि टीएमसी का मतलब अब बन चुका है – ‘तुष्टीकरण मुझे चाहिए’ और इस तुष्टीकरण में वह बांग्लादेशियों के साथ हैं, बंगालियों के साथ नहीं।
