Homeदेशतेलंगाना चुनाव के बीच केसीआर केंद्र में गठबंधन सरकार की घोषणा क्यों...

तेलंगाना चुनाव के बीच केसीआर केंद्र में गठबंधन सरकार की घोषणा क्यों करने लगे ?

Published on


न्यूज़ डेस्क

 तेलंगाना की लड़ाई भीषण हो गई है। सबके अपने दावे हैं। केसीआर की अभी सरकार है। उनकी घोषणा है कि अगली सरकार भी उनकी ही बनेगी। उधर कांग्रेस सत्ता परिपर्वतां की बात कर रही है और उसका दावा है कि कांग्रेस सरकार बना सकती है। लेकिन मजे की बात तो यह है कि बीजेपी भी सरकार बनाने का दावा कर रही है कि उसकी सरकार बनेगी और पिछड़े समाज के कोई नेता राज्य के सीएम बनेंगे।  
 इन दावों के बीच मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव का जो हालिया बयान सामने आया है वह बहुत कुछ कह रहा है।  उसके कई मायने भी निकाले जा रहे हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने बुधवार को भविष्यवाणी की कि 2024 के चुनावों के बाद केंद्र में गठबंधन सरकार बनेगी।     
      बीआरएस के अध्यक्ष का मानना है कि गठबंधन की राजनीति देश में केंद्रीय भूमिका निभाएगी क्योंकि भाजपा और कांग्रेस दोनों आगे खिसक जाएंगी।निजामाबाद में बीआरएस की चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अगले चुनाव के बाद बीआरएस केंद्र में अहम भूमिका निभाएगी।
  उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया। यह ड्रामा करते हैं। यह ‘नफ़रत की दुकान’ को बंद करने की बात कर रहे हैं। मैं पूछ रहा हूं कि बाबरी मस्जिद किसने गिराई। यदि आप धर्मनिरपेक्ष हैं, तो आपको हमेशा धर्मनिरपेक्ष रहना चाहिए और आपके काम से यह साबित होना चाहिए।
      केसीआर ने धर्म के नाम पर लोगों को बांटने के लिए भी भाजपा की आलोचना की। बीआरएस नेता ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने तेलंगाना के साथ घोर अन्याय किया है। यह कहते हुए कि तेलंगाना पिछले 10 वर्षों से सांप्रदायिक सद्भाव का उदाहरण बना हुआ है, उन्होंने कहा कि एक भी दंगा नहीं हुआ और कहीं भी कर्फ्यू नहीं लगाया गया।
               उन्होंने याद दिलाया कि पहले कांग्रेस शासन में अक्सर सांप्रदायिक दंगे होते थे। उन्होंने कहा, ”जब तक केसीआर जीवित हैं, तेलंगाना धर्मनिरपेक्ष रहेगा।” उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले 10 वर्षों से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखी है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सरकार धर्म या जाति के आधार पर बिना किसी भेदभाव के सभी के कल्याण के लिए काम कर रही है।
 जहां कांग्रेस ने तेलंगाना राज्य के गठन से पहले 10 साल के शासन के दौरान अल्पसंख्यकों के कल्याण पर केवल 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए, वहीं बीआरएस सरकार ने पिछले 10 वर्षों के दौरान 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए।
  बीआरएस नेता ने अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों को सूचीबद्ध किया और अधिक कदम उठाने का वादा किया।बीआरएस शासन के दौरान तेलंगाना ने सभी क्षेत्रों में प्रगति हासिल की है। राज्य गठन के समय प्रति व्यक्ति आय के मामले में यह 19वें या 20वें स्थान पर था लेकिन अब यह नंबर वन हो गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पिछले 10 वर्षों के दौरान राज्य में हुए विकास को देखकर मतदान करें।

Latest articles

फरवरी को मुंबई पहुंचेंगे मैक्रों, PM मोदी से करेंगे मुलाकात; क्या रहेगा कार्यक्रम?

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी भारत यात्रा के दौरान 16 फरवरी को मुंबई...

तारिक रहमान के शपथ ग्रहण में पीएम मोदी नहीं, ये नेता करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

बांग्लादेश में नई सरकार का गठन होने जा रहा है. मंगलवार (17 फरवरी) को...

पैन कार्ड पर अपना नाम कैसे बदलें?जरूरी डॉक्यूमेंट्स और स्टेप-बाय-स्टेप प्रॉसेस

  भारत में वित्तीय लेन-देन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पैन कार्ड...

नेचुरल’ के चक्कर में कहीं लिवर-किडनी न हो जाए डैमेज

अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि नेचुरल सप्लीमेंट सुरक्षित होते हैं,लेकिन सच्चाई थोड़ी...

More like this

फरवरी को मुंबई पहुंचेंगे मैक्रों, PM मोदी से करेंगे मुलाकात; क्या रहेगा कार्यक्रम?

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी भारत यात्रा के दौरान 16 फरवरी को मुंबई...

तारिक रहमान के शपथ ग्रहण में पीएम मोदी नहीं, ये नेता करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

बांग्लादेश में नई सरकार का गठन होने जा रहा है. मंगलवार (17 फरवरी) को...

पैन कार्ड पर अपना नाम कैसे बदलें?जरूरी डॉक्यूमेंट्स और स्टेप-बाय-स्टेप प्रॉसेस

  भारत में वित्तीय लेन-देन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पैन कार्ड...