और सीएम योगी ने कहा विकसित भारत का रास्ता यूपी से होकर ही जाता है —-

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न्यूज़ डेस्क 

  15 अगस्त पर तिरंगा को सलामी देते हुए उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव का रास्ता पंच प्रण से जाता है। यह संकल्प शपथ के रूप में हमने ग्रहण किया है। हर ग्राम पंचायत, नगर निकाय, समारोह पूर्वक लोग संकल्प ले रहे हैं। कोरोना महामारी हमारे संकल्प के आगे पराजित हुआ। दुनिया के कई क्षेत्र अभी भी कोरोना के आगे पस्त हैं, पर हम आगे बढ़ रहे हैं। कारण है संकल्पशक्ति जब स्वार्थ से उठकर आगे बढ़ती है तो वास्तविक रूप में परिणाम के रूप में दिखता है। हमें भी संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। आने वाला 25 वर्ष का कालखंड नई ऊर्जा व उत्साह के साथ जुड़ने का आह्वान कर रहा है।
               सीएम ने कहा कि अभी कुछ देर पूर्व एक भारत श्रेष्ठ भारत का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यूपी व देश के अलग-अलग भागों से आए कलाकारों ने एक भारत-श्रेष्ठ भारत के पीएम मोदी के संकल्प के साथ जो झांकी प्रस्तुत की, उसे व्यावहारिक धरातल पर उतारने के कार्यक्रम के साथ हमें जुड़ना होगा। पंच प्रण के संकल्प के साथ भारत मां के महान सपूतों ने खुद को बलिदान किया था। उन वीर परिवारों को सम्मानित किया गया। देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों के सम्मान का यह आयोजन देश समेत यूपी के 75 जनपदों, 58 हजार ग्राम पंचायतों, 762 नगर निकायों में हो रहा है। हर किसी के मन में इस बात की अनुभूति होनी चाहिए कि मैंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया तो मेरी भावी पीढ़ी मुझे सम्मानित करेगी।  
               योगी ने कहा कि नए भारत के दर्शन के लिए विकसित भारत का मार्ग सबसे बड़ी आबादी वाले यूपी से होकर जाता है। पंच प्रण विकसित भारत, विरासत का सम्मान, गुलामी के दंश से मुक्ति, एकता व एकीकरण हम सबका संकल्प होना चाहिए। इसकी अंर्तनिहित आत्मा है कि हर नागरिक अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए आगे बढ़ेगा तो कोई कारण नहीं कि 2027 में यूपी वन ट्रिलियन डॉलर व देश 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी के साथ तीसरी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित होगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हम सब एक नए भारत को देख रहे हैं। हमारे संस्कार हमें सदैव ‘माता, भूमि, पुत्र, प्रतिज्ञा’ के साथ जोड़ते रहे हैं।उन्होंने कहा कि हम अपने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों को साकार कर सकें, उनके संकल्पों के साथ अपने आपको जोड़ सकें… इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से 75 सप्ताह पूर्व 12 मार्च 2021 को देश की आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम का शुभारम्भ किया था। योगी ने कहा कि अधिकार के साथ-साथ अगर हमें कर्तव्यों का बोध भी हो, तो स्वाभाविक रूप से अधिकार व कर्तव्य का समन्वय…भारत की समृद्धि के लिए, भारत को दुनिया की एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए, हम सबको आगे बढ़ने और भावी पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में योगदान दे पाएगा।
            उन्होंने कहा कि आज देश स्वतंत्रता की 77वीं वर्षगांठ माना रहा है। 12 मार्च 2021 से पीएम मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव का शुभारंभ साबरमती के तट से किया था। आज से अगले 25 सालों के लिए अमृत काल की शुरुआत हो रही है। एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहा है। 75 जिलों में 58 हजार ग्राम पंचायतों और 762 नगर पंचायतों में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। आज हम सब एक नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। हमारी संस्कृति हमारी मातृभूमि को जोड़ती है। इस धरती को मां के रूप में सम्मान दिया है।’

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