आजकल की खराब लाइफस्टाइल के बीच हम सभी बहुत तनाव में रहते हैं। काम का प्रेशर, परिवार की जिम्मेदारियां, सोशल मीडिया, आर्थिक चिंता इन सबका असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे में कई लोग पैनिक अटैक जैसी मानसिक समस्याओं का सामना करते हैं। पैनिक अटैक कई बार जानलेवा भी होता है।ऐसे में इसे समय रहते पहचानकर और सही उपाय अपनाकर कंट्रोल किया जा सकता है। तो आइए जानते हैं कि पैनिक अटैक क्या होता है और इससे निपटने के लिए सबसे आसान तरीके क्या हैं।
पैनिक अटैक अचानक आने वाला डर या चिंता का दौरा होता है। पैनिक अटैक में व्यक्ति को ऐसा लगता है कि कुछ भयानक होने वाला है। इसमें दिल की धड़कन तेज हो जाती है, सांस रुकने जैसी समस्या होती है, पसीना आता है, हाथ-पैर में सुन्न या झनझनाहट महसूस होती है।
पैनिक अटैक में व्यक्ति को दिल की तेज धड़कन या घबराहट, सांस लेने में मुश्किल या घुटन, पसीना आना या कंपकंपी, सीने में दर्द या बेचैनी, चक्कर या बेहोशी जैसा महसूस होना, हाथ-पैर में सुन्नपन या झनझनाहट, खुद से अलग महसूस करना और मरने या कंट्रोल खोने का डर जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
पैनिक अटैक के कई कारण हो सकते हैं।जैसे तनाव और ट्रॉमा, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं PTSD या फोबियाज, थायराइड, हार्ट प्रॉब्लम या हॉर्मोनल असंतुलन, कैफीन, शराब और ड्रग्स ।
पैनिक अटैक से निपटने के लिए कुछ तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर आप पैनिक अटैक को कंट्रोल कर सकते हैं। इसमें 4-4-4-4 बॉक्स ब्रीदिंग सांस लेने की एक्सरसाइज 4 सेकंड सांस लें, 4 सेकंड रोकें, 4 सेकंड बाहर छोड़ें और फिर 4 सेकंड रोकें. दूसरा ग्राउंडिंग तकनीक में 5 चीजें देखें, 4 चीजों को छुएं, 3 आवाजें सुनें, 2 खुशबू महसूस करें और 1 टेस्ट पहचानें। साथ ही खुद से कहें यह बस पैनिक अटैक है, यह खत्म हो जाएगा।कैफीन और शराब से बचें।नियमित मेडिटेशन करें।परिवार में किसी को पैनिक डिसऑर्डर है, तो इसकी संभावना बढ़ जाती है।
अगर पैनिक अटैक बार-बार हो रहे हैं या आपके डेली रूटीन पर असर डाल रहे हैं, तो डॉक्टर की मदद लेना जरूरी है,जिसमें खासकर CBT (Cognitive Behavioral Therapy) आपके सोचने के तरीके को बदलकर अटैक को कम कर सकता है। डॉक्टर की सलाह से एंटी-एंग्जायटी या एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं ली जा सकती हैं। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मिलने पर लक्षणों की सही पहचान और इलाज हो सकता है।
पैनिक अटैक को रोकने और मानसिक स्वास्थ्य मजबूत करने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें। 7 से 8 घंटे पूरी नींद लें।सोशल मीडिया और स्क्रीन टाइम सीमित करें।हेल्दी डाइट लें। स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए हॉबी अपनाएं जैसे पेंटिंग, म्यूजिक या बुक रीडिंग।

