पश्चिम बंगाल: राज्यपाल ने कुलपतियों और शिक्षामंत्री के साथ की बैठक, कहा- विरोध नहीं, मिलकर करेंगे काम

0
191

बीरेंद्र कुमार
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मंगलवार को राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु और विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपतियों के साथ बैठक की जिसमें उन्होंने साथ मिलकर काम करने का आश्वासन दिया।

पश्चिन बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार के साथ विरोध नहीं, मिलकर काम करेंगे। शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने राज्यपाल और राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के बीच हुई मुलाकात को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राजभवन में राज्यों के विभिन्न विश्वद्यालयों के कुलपति और पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक में घोषणा की कि ”अब से राजभवन, नबान्न एवं विकास भवन समरसता से कार्य करेंगे।

खत्म हुआ पूर्व राज्यपाल जगदीप धनकड़ की राज्य सरकार के साथ टकराव वाली नीति

पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनकड़ अब भारत के उपराष्ट्रपति बन गए हैं। उनके पश्चिम बंगाल में राज्यपाल रहने के दौरान अक्सर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच अपनी श्रेष्ठता साबित करने की लेकर टकराहट होते रहती थी। जगदीप धनकड़ के बाद ही वर्तमान राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने वहां राज्यपाल की कुर्सी संभाली है। उन्होंने पद ग्रहण के साथ ही मुख्यमंत्री से टकराव न लेने की बात कही थी। अब धनकड़ के यहां से जाने के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच टकराहट का दौर भी खत्म हो गया। राज्यपाल सीवी आनंद बोस की बात से जाहिर है कि पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ का दौर खत्म हो गया है, लेकिन सवाल उठता है कि मुख्यमंत्री की टकराहट के जमाने में किए निर्णय के अनुसार क्या अब राज्यपाल की जगह मुख्यमंत्री होंगी प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति,? क्या सरकार इस बार विधानसभा में लाए गए इस विधेयक में बदलाव करेगी? हालांकि शिक्षा मंत्री ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।

राज्यपाल ने की राज्य के विश्वविद्यालय के कुलपतियों और शिक्षा मंत्री के साथ पहली बैठक

राज्यपाल ने राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और शिक्षा मंत्री के साथ पहली बैठक की। परंपरा के अनुसार शिक्षा विभाग को बीच में रखकर चर्चा की गई। शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने कहा कि यह बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर मैंने बैठक की। आज की बैठक का परिणाम सार्थक रहा है। राजभवन का अब हमारे विभाग के साथ टकराव नहीं है। अब आगे यह समन्वय महत्वपूर्ण और फलदायी बना रहेगा। उन्होंने इस मुलाकात को ‘ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल और सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की एक ऐतिहासिक बैठक हुई। यह पहली बार है कि मैंने, मेरे विभागाध्यक्ष और सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के सभी कुलपतियों ने राज्यपाल की अनुमति से राजभवन में बैठक की है।

राज्यपाल और शिक्षा मंत्री दोनों ने की इस बैठक की प्रशंशा की

राज्यपाल ने कहा-बंगाल देश और दुनिया का करेगा मार्गदर्शन। उसके बाद ब्रात्य बसु ने कहा कि राज्यपाल बोस ने कुलपतियों से पूरी जानकारी ली है। ब्रात्य बसु ने कहा, कि आचार्य सभी विवरणों को जानते हैं। यह बहुत ही प्रेरक मुलाकात थी। आचार्य ने प्रत्येक कुलपति से अलग-अलग बात की। उन्होंने हर विश्वविद्यालय की खबर ली है। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित स्कूलों और विभागों पर पूरा भरोसा जताया। राज्यपाल ने खुद कहा कि यह बैठक बहुत फलदायी रही।उन्होंने कहा, हमारे बीच बहुत उत्साहजनक और, प्रेरक चर्चा हुई। चर्चा का सार नई पीढ़ी के लिए शिक्षा के सभी दरवाजे खोलना है, ताकि नई पीढ़ी बंगाल को आगे ले जा सके। उन्होंने आगे कहा, शिक्षा सबसे शक्तिशाली साधन है। समाज में बदलाव के लिए यह जरूरी है। कुलपतियों ने बेहतरीन सलाह दी। सब कुछ सोचा जाएगा और अब एक नया बंगाल होगा जो देश और दुनिया का मार्गदर्शन करेगा। जैसा कि गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर ने कहा है कि जहां मन निर्भय रहता है, वहां सिर ऊंचा रहता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here