Weather Today: दिल्ली के बाद मुंबई में भारी बारिश, पंजाब के कई जिलों में बाढ़ का खतरा

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न्यूज डेस्क
देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से बारिश और बाढ़ से जनजीवन अस्त व्यस्त है। मौसम विभाग के मुताबिक अभी दो दिन हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, हालांकि उमस से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। वहीं रिपोर्ट के अनुसार 22 जुलाई से मध्यम स्तर की बारिश होने की भविष्यवाणी की गई है। इससे तापमान में कमी हो सकती है औऱ उमस से राहत मिलेगी।

उधर महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई समेत आसपास के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। वहीं मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, रायगड, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसको देखते हुए प्रशासन की तरफ से गुरुवार को स्कूल बंद करने का निर्देश जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3-4 घंटों के दौरान मुंबई, ठाणे, रायगड और पालघर के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश जारी रहेगी। इसके अलावा ठाणे और रायगड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिणी भाग की ओर बढ़ी मानसून ट्रफ की वजह से बारिश थमी है। उड़ीसा तट पर बन रहे कम दबाव क्षेत्र का असर है कि अपनी नॉर्मल स्थिति से दक्षिण की ओर मानसून ट्रफ खिसक गया है। मानसून के रास्ता बदलने से इस तरह मौसम में अचानक ही बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में लोग पहले बारिश के कारण परेशान थे और अब तेज धूप और उमस ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। सावन के महीने में जहां बारिश की उम्मीद होती है, वहीं लोगों को तेज धूप और उमस का सामना करने तो मजबूर होना पड़ रहा है।

उधर जम्मू-कश्मीर के उज्ज डैम से रावी में छोड़ा गए 2.50 लाख क्यूसेक पानी आज माझा में तबाही लेकर आ सकता है। पठानकोट, गुरदासपुर और अमृतसर के अलावा पाकिस्तान के पंजाब में इसका असर होगा। जिसके बाद माझा के तीनों जिलों में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया गया है। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने के लिए भी कह दिया गया है।

बुधवार देर रात तक अमृतसर जिला प्रशासन रावी के आसपास जुटा रहा। मंत्री कुलदीप धारीवाल, डीसी अमृतसर अमित तलवाड़ व गुरदासपुर डीसी हिमांशू अग्रवाल और आर्मी के जवानों ने खतरे से पहले ही रावी के आसपास के इलाकों का दौरा कर उचित इंतजाम कर लिए हैं। वहीं, तरनतारन में ब्यास पर बना धुस्सी बांध एक बार फिर टूट गया। जिसके बाद आसपास के हजारों एकड़ खड़ी फसल पानी में समा गई है।

 

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