बीरेंद्र कुमार झा
शिवसेना (यूबीटी ) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मराठा आरक्षण को लेकर पीएम मोदी के पाले में गेंद डाल दी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे में पीएम मोदी को हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण के मुद्दे को हल करने के लिए संसद का एक विशेष सत्र आयोजित किया जाना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि इस मुद्दे को लोकसभा में सुलझाया जा सकता है। मंगलवार को अपने आवास मातोश्री में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा की नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, भागवत कराड, भारती पवार,कपिल पाटिल और राव साहब दानवे जैसे सभी केंद्रीय मंत्रियों को इस मुद्दे को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में उठाना चाहिए।उद्धव ठाकरे का कहना है कि यदि वे कोई समाधान नहीं निकल पाते हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
दशहरा की रैली में ज्ञापन देने के बावजूद नहीं चेती सरकार
उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्होने दशहरा रैली में मराठा आरक्षण की बात कही थी और इस संबंध में भी एक पत्र भी दिया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सोमवार को मराठा मुद्दे पर बैठक की थी, लेकिन दोनों डिप्टी सीएम वहां नहीं थे। उन्होंने कहा कि कैसे देवेंद्र फडणवीस को राज्य में बिगड़ी व्यवस्था की स्थिति की परवाह नहीं है, और वह दूसरे राज्य में बीजेपी के लिए प्रचार कर रहे हैं।
राज्य विधानमंडल की विशेष बैठक की रखी मांग
उन्होंने मराठा नेता मनोज जारंगे पाटिल से भी अपील की वे कोई कठोर कदम नहीं उठाएं ठाकरे ने कहा कि राज्य को मनोज जारंगे जैसे लोगों की जरूरत है। उन्होंने मराठा युवाओं से आत्महत्या न करने की भी अपील की। ठाकरे ने कहा कि कोई राज्य में परेशानी पैदा कर रहा और महाराष्ट्र के बारे में खराब प्रतिष्ठा पैदा कर रहा है ताकि व्यवसाय और उद्योग महाराष्ट्र में ना आए ।ठाकरे ने कहा कि मराठा चरवाहे ,आदिवासी जैसे सभी लोग वास्तव में स्थिति को लेकर चिंतित हैं ।शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने कहा कि राज्य में विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए और संसद का विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है।
उद्धव ने पीएम के पाले में डाली गेंद,मंत्रियों का मांगा इस्तीफा
उद्धव ठाकरे ने कहा उनकी पार्टी छोड़ने वाले विधायक मराठा आरक्षण के पक्ष में इस्तीफा दे रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उन्हें आयोग द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे मोदी सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ठाकरे ने कहा कि इस मामले को देखना पीएम का कर्तव्य है l उन्होंने कहा कि मणिपुर जल रहा है और महाराष्ट्र में परेशानी पैदा हो रही है, लेकिन पीएम केवल राजनीतिक भाषण दे रहे हैं ।महाराष्ट्र से आने वाले सभी मंत्री इस मामले को उठाते हैं। जैसे तत्कालीन वित्त मंत्री सीडी देशमुख ने 1950 के दशक में गोलीबारी का मामला उठाया था और इस्तीफा दे दिया था। इसी तरह बीजेपी के मंत्रियों को भी पीएम से मिलकर इसका समाधान ढूंढना चाहिए अन्यथा इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर इससे कोई असर नहीं होने वाला है तो सभी सांसदों को मिलकर इस्तीफा दे देना चाहिए।
प्रदर्शन से सरकार के निबटने के तरीके को बताया निरंकुश
मराठा आंदोलन के कई दंगाइयों पर हत्या के प्रयास के लिए पुलिस मामले दर्ज कर दिए गए।उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह बहुत निरंकुश था।उन्होंने कहा कि राज्य में स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है और प्रधानमंत्री को राज्य की आवाज सुननी चाहिए।

