दिसंबर में नवजोत सिंह सिद्धू ने जीतेगा पंजाब नाम से एक अलग रैली की थी, जिसे लेकर कांग्रेस में खूब बवाल मचा था।तब उन्हें कई नेताओं ने पार्टी से अलग लाइन चलने को लेकर नसीहत भी दी थी, लेकिन उन्होंने एक बार फिर से होशियारपुर जिले में अपनी एक अलग ही रैली की, जबकि पंजाब प्रभारी देवेंद्र यादव ने चंडीगढ़ में मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में सभी पार्टी नेताओं को बुलाया गया था ,लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू वहां नहीं गए। पंजाब दौरे पर आए राज्य कांग्रेस इंचार्ज देवेंद्र यादव से उन्होंने मुलाकात भले ही की, लेकिन बैठक का हिस्सा न बनकर होशियारपुर जाकर एक रैली की।
पंजाब अध्यक्ष ने मामले को हाई कमान के सामने उठाने की बात कही
नवजोत सिंह सिद्धू के अलग रैली करने पर प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग ने निशाना साधा।उन्होंने खुलकर नवजोत सिंह सिद्धू के प्रति अपने खुलकर भड़ास निकाली। बन्डिंग ने कहा कि पार्टी की मजबूती के लिए रखी गई रैली से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। वह प्रधान होने के नाते उनके साथ हैं,लेकिन पार्टी को खराब एवं कमजोर करने वाले को बक्सा नहीं जाएगा।वह हाई कमान के पास इस मुद्दे को उठाएंगे।
सिद्धू का अलग राग
नवजोत सिंह सिद्धू की दूसरी रैली में कांग्रेस का कोई अन्य सीनियर लीडर मौजूद नहीं था। पार्टी में अपनी डफली,अपना
राग की तर्ज पर नवजोत सिंह सिद्धू ने भविष्य में भी ऐसी रैली जारी रखने का ऐलान किया। हालांकि होशियारपुर रैली में सिद्धू के सुर कुछ बदले – बदले नजर आए।उन्होंने रैली में पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तो खूब हमला किया लेकिन कांग्रेस को लेकर कोई बयान नहीं दिया।
सिद्धू ने कांग्रेस के पंजाब प्रधान को 10 हजार लोगों की रैली करके दिखाने की चुनौती दी
नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस के पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग को चुनौती दी है।सिद्धू ने कहा कि अगर वडिंग में दम है तो वह भी रैली में 10 हजार कार्यकर्ताओं की रैली दिखाएं।उन्होंने कहा कि राज्य अध्यक्ष होने के बावजूद भी बन्डिंग में रैली करने का दम नहीं है।वहीं प्रदेश अध्यक्ष राजा बन्डिंग ने साफ कर दिया है।सिद्धू बेसिक रैलियां करें,लेकिन पार्टी आचार संहिता एवं शासन में रहते हुए करें तो बेहतर है।

