अमेरिकी सेना एक हैरतअंगेज मिशन के तहत वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हमला करके वहां के राष्ट्रपति निकोलक मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर अपने देश ले गई।अमेरिका ने मादुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क में मुकदमा चलाने का ऐलान किया है और बताया है कि उनके खिलाफ नार्को टेररिज्म, कोकीन तस्करी की साजिश और विनाशकारी हथियार रखने जैसे आरोपों में अमेरिकी धरती पर, अमेरिका के खिलाफ अपराधों के लिए, अमेरिकी तरीके से इंसाफ किया जाएगा।अमेरिका के इस कदम पर दुनिया के तमाम देशों ने अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दी है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी पर गहरी हैरानी जताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।चीन ने इसे एक संप्रभु देश के खिलाफ ताकत का घोर इस्तेमाल और अमेरिका की आधिपत्यवादी हरकत करार दिया है। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन है, जो लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई इलाके की शांति व सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है। चीन ने अमेरिका से संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करने और दूसरे देशों की सुरक्षा से खिलवाड़ बंद करने की मांग की है।
वेनेजुएला की राजधानी पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद पैदा हुए संकट के बीच स्पेन ने मध्यस्थता की पेशकश की है।स्पेन के विदेश मंत्रालय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है।मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि स्पेन इस संकट का शांतिपूर्ण वार्ता से समाधान निकालने के लिए अपने गुड ऑफिस की पेशकश के लिए तैयार है।सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक रास्ता अपनाना ही इस वक्त सबसे बड़ी जरूरत है ताकि क्षेत्र में अस्थिरता फैलने से रोकी जा सके।
