Homeदेशअब थैलेसीमिया के मरीजों को नहीं चढ़ाना पड़ेगा खून, ओरल ड्रग से...

अब थैलेसीमिया के मरीजों को नहीं चढ़ाना पड़ेगा खून, ओरल ड्रग से ही ठीक होगी बीमारी

Published on

भारत को दुनिया के उन देशों में गिना जाता है, जहां थैलेसीमिया नामक बीमारी बड़ी संख्या में बच्चों को अपना शिकार बनाती है।भारत को थैलेसीमिया की राजधानी भी कहा जाता है, जो देश में इस बीमारी की भयावह तस्वीर पेश करता है।अगर आंकड़ों की बात करें, तो हर साल लगभग 10,000 से 12,000 बच्चे गंभीर थैलेसीमिया के साथ पैदा होते हैं, जो अपने आप में एक चौंकाने वाला आंकड़ा है।थैलेसीमिया जन्म से होने वाली एक खून यानी ब्लड से जुड़ी बीमारी है, जिसमें शरीर के अंदर सही मात्रा में हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता।हीमोग्लोबिन रेड ब्लड सेल में मौजूद एक प्रोटीन होता है, जिसकी मदद से पूरे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है।

थैलेसीमिया की वजह से शरीर के जरूरी अंगों और टिश्यू तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे व्यक्ति के अंदर कमजोरी, सुस्ती, चक्कर आना और त्वचा का पीला पड़ना जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं।इसी बीमारी की वजह से शरीर में एनीमिया की समस्या भी हो सकती है।

हाल ही में थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। इस बीमारी के इलाज के लिए दुनिया की पहली ओरल ड्रग यानी खाने वाली दवा को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मंजूरी दी है।नई ओरल दवा मिटापिवैट क्या है थैलेसीमिया जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने के लिए मंजूर की गई इस नई ओरल ड्रग का नाम मिटापिवैट (Mitapivat) है, जिसे Aqvesme नाम से बेचा जाएगा।यह दवा अल्फा-थैलेसीमिया और बीटा-थैलेसीमिया दोनों प्रकार के मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।

ब्लड ट्रांसफ्यूजन से मिलेगी राहत
अब तक थैलेसीमिया के मरीजों को इलाज के लिए हर महीने ब्लड ट्रांसफ्यूजन जैसी दर्दनाक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, लेकिन इस नई दवा मिटापिवैट की मदद से मरीज गोली के रूप में दवा का सेवन कर सकते हैं।अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा मंजूर की गई यह दवा थैलेसीमिया के मरीजों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि यह रेड ब्लड सेल्स को अंदर से मजबूती प्रदान करती है और शरीर की कोशिकाओं में ऊर्जा का संचार करती है। इससे रेड ब्लड सेल्स जल्दी नष्ट नहीं होतीं और अधिक समय तक जीवित रहती हैं। यह दवा शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकती है।

Latest articles

ममता बनर्जी पर बांग्लादेश के लोग क्यों करते हैं भरोसा?

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला और कहा कि...

ओडिशा के सुंदरगढ़ में विमान दुर्घटनाग्रस्त, दो क्रू मेंबर समेत 6 लोग थे सवार

बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निदेशक प्रसन्न प्रधान ने बताया, यह विमान भुवनेश्वर...

Google Pay में बिना डेबिट कार्ड के UPI पिन रीसेट करें,जान लें स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस

हम न जाने दिन भर में कितनी बार UPI से पेमेंट करते हैं, कभी...

अब तेलंगाना में बच्चों के सिरप में मिला इथाइलीन ग्लाइकॉल, कितना जहरीला होता है यह

बच्चों की सेहत से जुड़ा एक बहुत गंभीर मामला सामने आया है। तेलंगाना औषधि...

More like this

ममता बनर्जी पर बांग्लादेश के लोग क्यों करते हैं भरोसा?

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला और कहा कि...

ओडिशा के सुंदरगढ़ में विमान दुर्घटनाग्रस्त, दो क्रू मेंबर समेत 6 लोग थे सवार

बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निदेशक प्रसन्न प्रधान ने बताया, यह विमान भुवनेश्वर...

Google Pay में बिना डेबिट कार्ड के UPI पिन रीसेट करें,जान लें स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस

हम न जाने दिन भर में कितनी बार UPI से पेमेंट करते हैं, कभी...