TET Protest 2026: शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ देशभर में शिक्षकों का विरोध अब तेज होता जा रहा है। अलग-अलग राज्यों में चल रहा आंदोलन अब राजधानी दिल्ली पहुंचने वाला है, जहां बड़ी संख्या में शिक्षक एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के नेतृत्व में 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों शिक्षकों के शामिल होने की संभावना है।
20 लाख शिक्षकों पर असर, बढ़ी चिंता
शिक्षक संगठनों का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से देशभर के करीब 20 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। इस फैसले के बाद कई शिक्षकों की नौकरी और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है, जिससे उनमें नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
क्या है शिक्षकों की मुख्य मांग?
फेडरेशन का कहना है कि यह आंदोलन केवल कोर्ट के फैसले के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार से ठोस हस्तक्षेप की मांग भी की जा रही है। संगठन चाहता है कि सरकार नया कानून बनाकर इस फैसले के प्रभाव को खत्म करे, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके।
क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला?
करीब छह महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के तहत एक महत्वपूर्ण आदेश दिया था, जिसमें TET परीक्षा को सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य कर दिया गया।
इस आदेश के अनुसार सभी शिक्षकों को तय समय सीमा में TET पास करना जरूरी है। अंतिम तारीख 1 सितंबर 2027 निर्धारित की गई है। परीक्षा पास नहीं करने पर वेतन वृद्धि पर रोक लग सकती है। नियमों का पालन न करने पर नौकरी पर भी खतरा हो सकता है।
हालांकि, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 5 साल से कम बची है, उन्हें परीक्षा से छूट दी गई है, लेकिन उन्हें पदोन्नति (Promotion) का लाभ नहीं मिलेगा।
राज्यों से शुरू हुआ विरोध अब दिल्ली में
इस फैसले के बाद देश के कई राज्यों में शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। अब यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है और दिल्ली में होने वाला प्रदर्शन इस विरोध को और बड़ा रूप दे सकता है।

