बीरभूम बम विस्फोट कांड में लालटू शेख की हत्या के बाद तनाव,दोषियों की फांसी देने की की मांग

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– बीरेंद्र कुमार झा

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला में हुए बम विस्फोट में तृणमूल कार्यकर्ता लालटू शेख की मौत हो गई लालटू शेख का शव सोमवार को कोलकाता से माड़ग्राम पहुंचा। इसके बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया ग्रामीणों ने लालटू शेख के शव के साथ सड़क जाम कर दी। साथ ही उसके परिजनों ने हत्या के आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। ग्रामीणों के हंगामे की वजह से एक बार फिर वहां तनाव बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री से करेंगे फांसी की मांग।

लालटू शेख के शव के साथ सड़क जाम कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से यह मांग करते हैं कि लालटू शेख की हत्या करने वाले को फांसी की सजा दी जाए। फिलहाल स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस बीच कोर्ट में पेश किए गए 6 लोगों को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया गया है।

कोलकाता की एसएसकेएम अस्पताल में हुई लालटू शेख की मौत

बम से हमले में घायल हुए लालटू शेख का रविवार को कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में निधन हो गया स्थानीय सूत्रों के अनुसार लालटू शेख स्थानीय लोगों का प्रियपात्र था। यही वजह है उसका शव गांव पहुंचते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोग कांग्रेस नेता सुजाउद्दीन, उसके बेटे शेख लकी और शेख वापी को लालटू समेत दो लोगों की मौत का जिम्मेदार मान रहे हैं ।

शनिवार रात से ही धूलफेला गांव का माहौल गरम

बीरभूम जिला के रामपुरहाट के माड़ग्राम के धूलफेला गांव में शनिवार की रात से ही माहौल गर्म है ।आरोप है कि माड़ग्राम पंचायत के तृणमूल प्रधान भुट्टो शेख के भाई लालटू शेख 2 और उसके दोस्त न्यूटन शेख पर बम से हमला हुआ था। बम से हुए हमले में वह बुरी तरह जख्मी हो गया था। आरोप है कि जख्मी होने के बाद भी लालटू शेख पर लोहे के सब्बल आदि कई भारी वस्तुओं से हमला किया गया था।

गांव की सुरक्षा की गई कड़ी

इस घटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है गांव में तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गांव की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। न्यूटन शेख को रविवार देर शाम को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया था।वहीं पुलिस की मौजूदगी में आज सोमवार को लालटू शेख के शव को भी सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
बीरभूम में पहले रंजिश में जिंदा जलाए गए थे लोग

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में 22 मार्च 2022 को जहां 8 लोगों को ज‍िंंदा जलाकर मार डाला गया था, वहां से लोग घर छोड़कर जा रहे हैं। सरकार के आश्‍वासन के बाद भी लोग डरे हुए थे। घटना वाले गांव बोगतुई के अलावा आसपास के ग्रामीण भी घरोंं में ताला डालकर बाहर भाग गए थे। स्‍थानीय लोगों के अनुसार कहा बदला लेने के लिए इतने लोगों को मार डाला गया था। गौरतलब हैं की हिंसा और प्रतिहिंसा का वह दौर वहां अवैध खनन से होने वाली कमाई की नेतागिरी की वजह से हुई थी।

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