सांपों के डसने से चंद घंटे में हो जाती है मौत,परअबउसकी जहर से नशा करने लगे लोग

0
79

 

बीरेंद्र कुमार झा
बिग बॉस ओटीटी के विनर रहे और लोकप्रिय यूट्यूबर एल्विस यादव रेव पार्टी और उसमें सांपों के जहर से बने ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर विवादों में आ गए हैं। यूपी पुलिस ने नोएडा में छापेमारी करके 5 लोगों को 9 सांपों के साथ गिरफ्तार किया था।इन सांपों में कोबरा, अजगर जैसे सांप शमिल थे।बाद में इस एफआईआर में एल्विस यादव का नाम जोड़ा गया। बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने एल्विस यादव को गिरफ्तार करने की मांग की है। हालांकि युटुबर में ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। यह पूरा मामला सामने आने के बाद से रेव पार्टी और उसमें सांपों के जहर से बने ड्रग्स पर चर्चा होने लगी है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर जिन जहरीले सांपों के चलते चंद घंटे में ही किसी इंसान की जान चली जाती है, उसे ड्रग्स के लिए कैसे इस्तेमाल किया जा रहा है?

रेव पार्टियों में धड़ल्ले से हो रहा है सांपों का जहर

नोएडा ,दिल्ली,गुरुग्राम समेत देश के तमाम बड़े शहरों में देर रात आयोजित की जाती है ये रेव पार्टियां।अब इस बात का खुलासा हुआ है कि इन रेव पार्टियों में सांपों का जहर नशा के तौर पर इस्तेमाल होने लगा है और इसके लिए बाकायदा लोग मोटी से मोटी रकम खर्च करने के लिए तैयार हैं। सांपों का ड्रग्स तैयार करने के लिए सबसे पहले कोबरा जैसे जहरीले सांपों का जहर निकाला जाता है और फिर उसी ड्राई करके पाउडर में बदल दिया जाता है।इसके बाद उसमें कुछ केमिकल मिलाए जाते है ताकि यह प्राणघातक न रहे।फिर इसके छोटे छोटे पुड़िए बनाकर रेव पार्टियों में सप्लाई किया जाता है।आम ड्रग्स के पुडिए जहां 2- 3 हजार रुपए में मिल जाती है ,वहीं सांपों के ड्रग्स के पुदुए के लिए रेवाडिए 25 हजार तक देने के लिए तैयार हो जाते है,क्योंकि इसका नशा लंबा टिकता है।

कैसे होता है जहर वाले इस ड्रग्स का कारोबार

सबसे बड़ा सवाल यह है कि हर जगह पुलिस की इतनी चाक चौबंद व्यवस्था होने के बावजूद भी रेव पार्टियों में जहरीले सांपों के जहर वाला ड्रग्स कैसे उपलब्ध हो जाता है? यह सवाल इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि एक तो ये रेव पार्टियों ही अवैध होती है, ऊपर से यहां किसी भी प्रकार के ड्रग्स अनुमति नहीं है तो फिर सांप वाला ड्रग्स इतना खतरनाक होने के बावजूद इन रेव पार्टी में इन युवाओं तक कैसे पहुंच जाती है तो इसका आकलन कठिन नहीं क्योंकि यह सारा खेल माफियाओं और भ्रष्ट पुलिस,नौकरशाह,और नेताओं का होता है।

आमतौर पर पहले सपेरे जिसके के पास कोबरा जैसे जहरीले सांप मौजूद होते थे,उससे इसके धंधेबाज सापों ने जहर खरीदते थे।और अब सपेरों के सांप रखने पर रोक लगाने पर सांपों की तस्करी कर उससे जहर का धंधा किया जाने लगा है।

क्या है एल्विस यादव का मामला

रेव पार्टियों में सांप का जहर सप्लाई करने के आरोप में नोएडा पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एक एनजीओ पीपल फॉर एनिमल्स के द्वारा बिछाए गए जाल के बाद की गई।गिरफ्तार किए गए लोगों के कब्जे से कोबरा समेत 9 सांपों को भी बचाया गया।हालांकि एक अधिकारी के मुताबिक इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम लागू नहीं किया गया है क्योंकि घटनास्थल पर दवाई नहीं मिली।गिरफ्तार किए गए लोगों से जब पूछताछ की गई तो पांच आरोपियों ने दावा किया कि वह पार्टियों में सांपों के जहर की सप्लाई करते थे जो कथित तौर पर एल्विस यादव द्वारा आयोजित की जाती थी। यह जाल एनजीओ के सदस्य गौरव गुप्ता ने बिछाया था,जिन्होंने अपनी शिकायत में दावा किया था कि उन्होंने सांपों के जहर के लिए एल्विस यादव से संपर्क किया था। डीसीपी नोएडा राम पदम सिंह ने कहा कि उनकी शिकायत में गौरव गुप्ता ने दावा किया कि उसने रेप पार्टी के लिए और सांपों की व्यवस्था करने के लिए एल्विस यादव से संपर्क किया था। इसके बाद गुप्ता को एक फोन नंबर दिया गया इसके बाद इन लोगों की गिरफ्तारी हुई।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here