Homeदेशछत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ जंगल में सुरक्षाकर्मियों ने किया नक्सलियों पर बड़ा हमला...

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ जंगल में सुरक्षाकर्मियों ने किया नक्सलियों पर बड़ा हमला ,पांच नक्सली ढेर !

Published on

न्यूज़ डेस्क 
अबुझमाड़ में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर नक्सलियों पर बड़ा हमला बोला है जिसमें अब तक पांच वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए है। नारायणपुर के एसपी प्रभात कुमार ने इसकी पुष्टि की है।

रात होने की वजह से जवान पर इलाके की सर्चिंग नहीं कर पाए है। सुबह फिर अभियान शुरू होगा तब मृत नक्सलियों की संख्या बढ़ने अनुमान है। समाचार लिखे जाने तक फोर्स जंगल में ही कैंप किए हुए है।

एसपी ने बताया कि अबुझमाड़ में महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाके में नक्सलियों के उपस्थिति की सूचना पर 5 जिलों की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन लॉच किया था। पुलिस के मुताबिक इस ऑपरेशन में दर्जनभर से अधिक नक्सली मारे गए है लेकिन आज शाम तक जवानों घटना स्थल से 5 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद किए है। फोर्स पूरी तरह से सुरक्षित है। 
पुलिस का यह भी दावा है कि बड़ी संख्या में नक्सलियों को गोली भी लगी है। रात होने के कारण से फोर्स ने जंगल में सर्चिंग अभियान रोक दिया है सुबह फिर से इलाके में फोर्स का ऑपरेशन चलाया जाएगा। नक्सलियों के ठिकाने से फोर्स ने बड़ी संख्या में विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किया है।

इस ऑपरेशन में 5 जिलों से 1 हजार से अधिक जवान अलग-अलग टुकड़ियों में 30 जून को सर्चिंग के लिए रवाना हुए थे। इसमे कोंडागांव, दंतेवाड़ा,जगदलपुर, कांकेर, नारायणपुर से डीआरजी, बस्तर फाइटर, बीएसएफ, आईटीबीपी 53वी वाहिनी जवान शामिल है। 
इससे सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम सर्चिंग करते हुए मंगलवार की सुबह अबुझमाड़ के घमंडी पहुचने पर नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इससे जवानों ने जवाबी कार्रवाई की है। इसमे नक्सली और जवानों के बीच 2 दिन से रुक-रुक फायरिंग हो रही है। यह इलाका धुर नक्सल प्रभावित है।

2 जुलाई को हुई मुठभेड़ के साथ ही छत्तीसगढ़ में जनवरी से अब तक सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़कर 138 हो गई है। नारायणपुर सहित सात जिलों वाले बस्तर संभाग में 136 माओवादी मारे गए, जबकि रायपुर संभाग के अंतर्गत धमतरी जिले में दो अन्य मारे गए।

यहां पिछले कुछ वर्षों में बस्तर में नक्सली आतंकी घटनाओं और हताहतों की संख्या को दर्शाने वाला डेटा चार्ट है, जिसे हिंदी में लेबल किया गया है। यह चार्ट 2018 से 2023 तक घटनाओं और हताहतों की संख्या में गिरावट का रुझान दर्शाता है।

Latest articles

AI समिट में माइक्रोसॉफ्ट चीफ के शामिल होने पर संशय: क्या है गेट्स फाउंडेशन का पक्ष

दिल्ली में 16 फरवरी से शुरू हुए दुनिया के सबसे बड़े AI इम्पैक्ट समिट...

62 ईमेल व 14 मुलाकातों के राज पर घिरे केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा

कॉरपोरेट गवर्नेंस और नीतिगत पारदर्शिता के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़...

क्या है Unitree Go2 रोबोट जिसे अपना बताकर व‍िवादों में घ‍िरी गलगोटिया यूनिवर्सिटी

इंडि‍या एआई इम्‍पैक्‍ट सम‍िट 2026 में एक रोबोट की वजह से व‍िवाद हो रहा...

क्या रात में बार-बार खुलती है आपकी भी नींद, जानें किन बीमारियों से बढ़ रही परेशानी?

रात में बार-बार नींद खुलने की दिक्कत यानी इंसोम्निया एक आम लेकिन परेशान करने...

More like this

AI समिट में माइक्रोसॉफ्ट चीफ के शामिल होने पर संशय: क्या है गेट्स फाउंडेशन का पक्ष

दिल्ली में 16 फरवरी से शुरू हुए दुनिया के सबसे बड़े AI इम्पैक्ट समिट...

62 ईमेल व 14 मुलाकातों के राज पर घिरे केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा

कॉरपोरेट गवर्नेंस और नीतिगत पारदर्शिता के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़...

क्या है Unitree Go2 रोबोट जिसे अपना बताकर व‍िवादों में घ‍िरी गलगोटिया यूनिवर्सिटी

इंडि‍या एआई इम्‍पैक्‍ट सम‍िट 2026 में एक रोबोट की वजह से व‍िवाद हो रहा...